जय सिंह/ मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र में नए केंद्रीय दंड संहिता और उससे जुड़े आपराधिक प्रक्रिया कानून लागू होने के बाद राज्य की पुलिसिंग व्यवस्था में डिजिटल सुधारों का असर साफ़ दिखाई देने लगा है। पिछले 14 महीनों में राज्य पुलिस ने 958 e-FIR दर्ज की हैं, जबकि 1.3 लाख से अधिक मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि नई डिजिटल व्यवस्था न केवल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल बना रही है, बल्कि आपराधिक मामलों की जांच व सुनवाई की गति भी तेज हो रही है।


अब कई अपराधों में थाने जाए बिना ऑनलाइन FIR दर्ज कराई जा सकती है।केस-संबंधित दस्तावेज, बयान और चार्जशीट सीधे डिजिटल पोर्टल पर अपलोड हो रहे हैं।अदालतों को केस रिकॉर्ड e-transmit होने से सुनवाई में देरी कम हुई है।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:डिजिटल सिस्टम से कागज़ी काम में कमी आई है।जांच की प्रगति टाइम-स्टैम्प और ट्रैकिंग सिस्टम के कारण निगरानी में रहती है।नागरिकों को थानों में बार-बार जाने से राहत मिली है।चुनौतियाँ भी मौजूदग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता अभी भी बड़ी चुनौती है।कई थानों में तकनीकी प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई जा रही है।केस फाइलिंग से लेकर सुनवाई तक डेटा सुरक्षा को और मजबूत करना जरूरी है।


विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुधार —पुलिस, नागरिक और न्यायालय के बीच सीधी और पारदर्शी लिंक बनाता है,जांच की गति और गुणवत्ता दोनों बढ़ाता है,और लंबित मामलों की संख्या में धीरे-धीरे कमी लाने में सहायक साबित हो सकता है।



बहुत सुंदर प्रदर्शन पुलिस का