■ बाबा सिद्दीकी मर्डर केस का आरोपी अनमोल बिश्नोई 4 साल तक ‘भानू प्रताप’ बनकर घूमता रहा।
■ सिद्धू मूसेवाला, हत्याकांड का मास्टरमाइंड, फर्जी पासपोर्ट के खेल से अमेरिका तक जा पहुँचा.
जय सिंह / मुंबई वार्ता

अपराध की दुनिया में चेहरे बदलना आम बात है, लेकिन इस बार कहानी कुछ और ही है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का आरोपी और बाबा सिद्दीकी हत्या कांड का साज़िशकर्ता माना जाने वाला अनमोल बिश्नोई, असल पहचान छोड़कर 2021 से “भानू प्रताप” नाम से जिंदगी जी रहा था।हाँ, वही—जिसे अमेरिका से हिंदुस्तान लाकर एजेंसियों ने दबोचा है।


जांच में खुलासा हुआ है कि इस कुख्यात अपराधी ने 2021 में जो पासपोर्ट बनवाया था, उस पर नाम दर्जभानू प्रतापपिता का नाम: राकेश। मां का नाम: सुमित्रा देवीयानी अपने पूरे खानदान का चेहरा बदलकर देश की सुरक्षा एजेंसियों को चार साल तक चकमा देता रहा।
■ फर्जी पासपोर्ट पर दिया गया पता—फरीदाबाद का एक हाई-राइज सोसाइटी।
कागज़ों में सब चमकदार लेकिन इस चमक के पीछे चला एक अंडरवर्ल्ड का सबसे बड़ा छलावा।इस फर्जी पहचान के दम पर अनमोल सीधे अमेरिका में एंट्री ले गया, वहीं से गिरोह को ऑपरेट करता रहा, फिर देश की राजनीति से लेकर बॉलीवुड तक टारगेट चुनने के प्लान बनाता रहा।


कहते हैं, लॉरेंस बिश्नोई गैंग में दो दिमाग सबसे खतरनाक—एक लॉरेंस, दूसरा अनमोल, अर्थात सारा ऑपरेशन, टारगेट लिस्ट, फिरौती, सुपारी—सब कुछ अनमोल की उंगलियों पर नाचता था।और यह पूरा खेल चलता रहा “भानू प्रताप” की आड़ में।अमेरिकी जांच एजेंसियों ने जब इस नाम और फोटो में गड़बड़ी पकड़ी, उसके बाद NIA और केंद्र की एजेंसियों ने मिलकर अनमोल को वापिस भारत भेजवाया।


अब पूछताछ में गिरोह के कई राज़ खुलने की उम्मीद है।देश के सिस्टम को आखिर चार साल तक कैसे बेवकूफ बनाया गया?गिरोह की मदद करने वाले सफेदपोश कौन?क्या और भी नाम बदलकर विदेश में बैठे हैं? जैसे कई सवालों के जवाब एजेंसी तलाश रही है।



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