श्रीश उपाध्याय/ जय सिंह / मुंबई वार्ता

कॉंग्रेसी विधायक असलम शेख और भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढा के बीच हुई तकरार रुकने का नाम नहीं ले रही है। मुंबई मनपा चुनाव को देखते हुए दोनों पार्टियां राजनीति करने का कोई मुद्दा हाथ से जाने देना नही चाहती।


बीजेपी मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कोंग्रेस के विधायक और पूर्व केबिनेट मंत्री असलम शेख के मालाड मालवणी इलाके में चल रहे अवैध निर्माण और बांग्लादेशियों मुस्लिमो को बसाने का आरोप लगाया था । इसके बाद असलम शेख ने एक पब्लिक मीटिंग में कह दिया कि ,”जो गरीबों का घर उजड़ेगा उसे गरीब उजाड़ देंगे।”
इस बयान के खिलाफ मंगलप्रभात लोढा ने धमकाने और जन से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुम्बई पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इस बयान का बीजेपी नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। मुम्बई बीजेपी के अध्यक्ष अमित साटम ने असलम शेख के खिलाफ निजी बयान दिए जिसके बाद आज अमित साटम के घर पर कोंग्रेसियो ने मोर्चा निकाल दिया।


■ मुंबई युवक काँग्रेस ने किया भाजपा विधायक अमित साटम के कार्यालय पर आंदोलन।


मुंबई भाजपा अध्यक्ष, विधायक अमित साटम ने काँग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री असलम शेख के बारे में निकृष्ट भाषा का उपयोग किया था। इसी के विरोध में मुंबई युवक काँग्रेसने आक्रमक भूमिका निभाते हुए विधायक अमित साटम के अंधेरी स्थित कार्यालय पर मोर्चा निकाला। इस दौरान साटम के विरोध में जोरदार घोषणाबाजी की गई ।
आंदोलन के दौरान अमित साटम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
मुंबई युवक काँग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश यादव, हरगून सिंह, विक्रम सिंह, फहीम शेख, जिल्हा अध्यक्ष भावना जैन समेत कई कार्यकर्ताओं ने मोर्चे में हिस्सा लिया।


आंदोलनकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की तो सांसद एवं मुंबई कॉंग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने पुलिस थाने पहुंच कर कार्यकर्ताओं का हालचाल लिया।
अब कल रविवार को बीजेपी मोर्चा निकाल रही है। असलम शेख के खिलाफ निकाले जाने वाले इस मोर्चे में बिजेपी के एमपी,एमएलए और नेतागण शामिल होने वाले है।।
भाजपा, उत्तर मुंबई में कल रविवार को निषेध मोर्चा निकालगी। मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा को मिली ‘धमकी’ के विरोध में बीजेपी का प्रदर्शन होगा।
भाजपा पार्टी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन कल 23 नवंबर 2025, दोपहर 2 बजे, मालवणी स्थित फायर ब्रिगेड कार्यालय से शुरू होगा।
भाजपा नेताओं का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि और मंत्री को खुलेआम धमकी देना लोकतंत्र के लिए गंभीर और अस्वीकार्य है। इसी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेतृत्व बड़ी संख्या में मोर्चे में शामिल होंगे।
मोर्चे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा विशेष बंदोबस्त किए जाने की संभावना है।



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