■ महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी का राज्य चुनाव आयोग को पत्र।
मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य की महानगरपालिका चुनावों के लिए प्रारूप मतदाता सूची 20 नवंबर 2025 को जारी की गई है और इन सूचियों पर आपत्तियाँ व सुझाव दर्ज कराने के लिए 27 नवंबर 2025 तक की अवधि निर्धारित की गई है। कई महानगरपालिकाओं में प्रारूप मतदाता सूचियों पर आपत्तियाँ और सुझाव दर्ज करने के लिए समय बढ़ाने की आवश्यकता है। केवल 7 दिनों की अवधि अत्यंत कम है, इसे 15 दिनों से बढ़ाया जाए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने की है।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और विधान परिषद में कांग्रेस के गट नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल ने राज्य चुनाव आयोग को भेजे गए संयुक्त पत्र में कहा है कि कई महानगरपालिकाओं में प्रारूप मतदाता सूचियों को प्रभागवार सही तरीके से विभाजित नहीं किया गया है। कई मतदाताओं के नाम उनके निवास वाले क्षेत्रों से हटकर अन्य क्षेत्रों में चले गए हैं और यह संख्या काफी बड़ी है। आपत्तियाँ दर्ज करने की प्रक्रिया भी अत्यंत जटिल है। प्रत्येक व्यक्ति को निर्धारित नमूने में आवेदन देना होता है और उसके साथ आधार कार्ड संलग्न करना होता है। यह प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली है।


पत्र में यह भी कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल द्वारा यदि सक्षम चुनाव अधिकारी के संज्ञान में उपयुक्त आपत्ति या सुझाव लाया जाता है, तो कई व्यक्तियों से संबंधित शिकायत स्वीकार की जानी चाहिए, परंतु वर्तमान में ऐसा होता दिखाई नहीं देता। मतदाता सूचियों में स्पष्टता और पारदर्शिता लाने के लिए राजनीतिक दलों और प्रत्येक नागरिक की शिकायतों का पंजीकरण आवश्यक है। प्रभागों में नागरिक संख्या भी काफी अधिक है, इसलिए मतदाता सूचियों की जांच में समय लगेगा। इसलिए समय बढ़ाया जाना आवश्यक है।


