जय सिंह / मुंबई वार्ता

मुंबई एयरपोर्ट पर आज सुबह इंडिगो एयरलाइन (IndiGo 6E) की कई उड़ानों में अचानक आई भारी देरी और रद्दीकरण से पूरा टर्मिनल अफरा-तफरी में बदल गया। सुबह से शुरू हुई देरी, दोपहर तक 6–8 घंटे तक पहुंच गई और कई उड़ानें बिना किसी स्पष्ट सूचना के रद्द कर दी गईं।यात्रियों ने सोशल मीडिया और पत्रकारों को बताया कि इंडिगो स्टाफ गायब था, काउंटर पर कोई सही जवाब नहीं मिल रहा था और फ्लाइट की स्थिति—कैंसल या डिले—स्पष्ट नहीं बताई जा रही थी।
● 6E2209 सबसे बड़ी परेशानी का कारण
अहमदाबाद जाने वाली IndiGo फ्लाइट 6E2209 के यात्रियों ने बताया कि:फ्लाइट के 6 घंटे से अधिक देरी की सूचना के बादअचानक सिस्टम पर “कैंसल” का मैसेज दिखालेकिन ग्राउंड स्टाफ इस पर कुछ भी पुष्टि करने को तैयार नहीं था। अहमदाबाद एयरपोर्ट से आए एक वीडियो में भी यात्रियों को स्टाफ से जवाब मांगते देखा गया, लेकिन काउंटर खाली पड़े थे और कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था।


● यात्रियों का आरोप: “हम खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं”
मुंबई एयरपोर्ट पर खड़े यात्रियों ने कहा,“8 घंटे हो गए, कोई पानी पूछने वाला भी नहीं।”“इंडिगो के अधिकारी फोन नहीं उठा रहे। ऐप पर अपडेट बदले जा रहे हैं, लेकिन ग्राउंड पर कोई मदद नहीं। अचानक फ्लाइट रद्द कर दी और आगे की व्यवस्था भी नहीं दी जा रही।”


वरिष्ठ पत्रकार तृप्ति झा ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि “मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो की कई फ्लाइट्स एक के बाद एक डिले या कैंसल हो रही हैं, लोग बिल्कुल असहाय हैं।”एयरलाइन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, देरी के कारणों में शामिल हो सकता है:टेक्निकल या ऑपरेशनल डिसरप्शन,घना एयर ट्रैफिक , बैक-टू-बैक मेट्रो शहरों में कंजेशन, लेकिन जब तक इंडिगो आधिकारिक बयान नहीं देती, यात्रियों की नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
● यात्रियों की मांग
परेशान यात्रियों ने मांगा:फ्लाइट स्थिति पर स्पष्ट सूचना, रद्द हुई उड़ानों के लिए तुरंत रिफंड/रीबुकिंग, लंबे इंतज़ार में बेसिक सुविधाओं की व्यवस्था, स्टाफ की उपस्थिति और जवाबदेही।
मुंबई एयरपोर्ट पर आज इंडिगो की फ्लाइट्स में जिस तरह का अराजक माहौल दिखा, उसने एक बार फिर देश में विमानन कंपनियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।यात्रियों का कहना है कि टेक्नोलॉजी से पहले मानवीय संवेदनशीलता ज़रूरी है, और एयरलाइन को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।



यात्रियों को परेशानी