श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बेरोजगारी के मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 27 अगस्त को ‘बेरोजगार हक्क एल्गार’ के तहत राज्यव्यापी तिरंगा मोटरसाइकिल मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च महाराष्ट्र के सभी जिलों और विभागीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा।


पार्टी के अनुसार, इस मार्च के माध्यम से एमआईडीसी में स्थानीय युवाओं को रोजगार, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती, पेपर लीक पर रोक और पुलिस भर्ती समय पर पूरी करने समेत बेरोजगार युवाओं से जुड़ी कई प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी जाएंगी।
राज्य के प्रत्येक जिले और विभाग में प्रमुख स्थान से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। पार्टी ने विभिन्न विभागों में मार्च के नेतृत्व की जिम्मेदारी भी तय कर दी है।
■ मुंबई में सुप्रिया सुले और शशिकांत शिंदे करेंगे नेतृत्व
मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष तथा सांसद सुप्रिया सुले और प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे के नेतृत्व में मार्च आयोजित किया जाएगा।
विदर्भ में अनिल देशमुख के नेतृत्व में नागपुर, मराठवाड़ा में राजेश टोपे के नेतृत्व में छत्रपति संभाजीनगर और उत्तर महाराष्ट्र में विधायक रोहित पवार तथा सुनील भुसारा के नेतृत्व में नासिक में मार्च निकाला जाएगा।
पश्चिम महाराष्ट्र में विधायक जयंत पाटील और हर्षवर्धन पाटील नेतृत्व करेंगे, जबकि कोकण विभाग का मार्च विधायक जितेंद्र आव्हाड के नेतृत्व में ठाणे में आयोजित किया जाएगा।
■ बेरोजगारों की प्रमुख मांगें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से सरकार के सामने निम्न प्रमुख मांगें रखी जाएंगी—
सभी सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर नियमित और समयबद्ध भर्ती की जाए।
प्रत्येक एमआईडीसी में स्थानीय भूमिपुत्रों के लिए रोजगार विनिमय केंद्र दोबारा शुरू किए जाएं।
स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
आरक्षण में लंबित अनुशेष (बैकलॉग) को तत्काल भरा जाए।
ठेका पद्धति के बजाय योग्य युवाओं को नियमित सरकारी सेवा में प्राथमिकता दी जाए।
पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए।
भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण उम्मीदवारों की निर्धारित आयु सीमा समाप्त न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रत्येक जिले में रोजगार सृजन के लिए ठोस और प्रभावी कार्यक्रम घोषित किया जाए।
पार्टी का कहना है कि राज्य में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, पेपर लीक तथा रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। ‘बेरोजगार हक्क एल्गार’ के माध्यम से इन मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से रखने का प्रयास किया जाएगा।


