धोखे की ‘मेडिकल मशीन’– बॉक्स में निकला प्लायवुड !

Date:

■ मालाड पुलिस ने वडोदरा के ठग को दबोचा.

जय सिंह / मुंबई वार्ता

मुंबई में ठगी का एक ऐसा किस्सा सामने आया है, जिसने शहर के लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। मलाड की एक बिजनेसवुमन, जो लोगों को हेल्थ सर्विस देने के लिए लाखों का इन्वेस्टमेंट करने चली थीं, उनका भरोसा एक ऐसे ठग डॉक्टर ने तोड़ दिया कि पूछिए मत।

मामला भले मेडिकल मशीनों का हो, लेकिन जिस ड्रामेबाज़ी से यह पूरा खेल खेला गया—उसे देखकर कोई भी कह देगा: “ये मुंबई है भाई, और यहां ठग भी अपग्रेडेड मिलते हैं!”

●ऑनलाइन डील… और भरोसे का खेल।

गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड पर मेडिकल सेंटर चलाने वाली 48 वर्षीय प्रीति पवार ने अपने सेंटर के लिए दो एडवांस मशीनें खरीदने की सोच रखी—Colon Hydrotherapy Machine Infrared — Sauna System।

इंटरनेट पर सर्च किया तो खुद को वडोदरा की कंपनी Nexorth Orthopedic Pvt Ltd का मालिक बताने वाले डॉ. निशांत मेहता से बात हुई। प्रीति ने भी कोई कच्ची खिलाड़ी नहीं—उन्होंने वडोदरा में अपने जानकार को कंपनी की वेरिफिकेशन पर भेजा।ऑफिस सही लगा… कागज सही लगे… और यहीं से ठग का खेल शुरू। पैसे ऐसे गए जैसे लोकल ट्रेन में पुराना पास।

प्रीति पवार ने डील फाइनल की और पैसे दिए- ₹1 लाख एडवांस । ₹1,19,250 चेक , ₹7,01,600 बैंक लोन, बाकी ट्रांजैक्शन– कुल मिलाकर ₹16 लाख पानी की तरह बहा दिए। प्रीति को पता नहीं था कि जो मशीनें वह खरीद रही हैं, वह सिर्फ ठग के दिमाग में ही काम कर रही थीं।

● ड्रामेबाज़ डॉक्टर—पहले एक्सीडेंट, फिर फर्जी स्लिप.

17 नवंबर को ठग ने फोन लगाया—“मैडम, जो गाड़ी मशीन लेकर आ रही थी न, उसका एक्सीडेंट हो गया!”और यहीं से झूठ का सिलसिला शुरू…जब प्रीति ने पैसे वापस मांगे, तो उसने भेज दी फर्जी पेमेंट स्लिप।ऊपर से चेक बैंक में जमा किया तो बाउंस।मतलब—ठगी के सारे क्लासिक टीचर एक साथ काम पर लगे हुए थे।

● नया सेट भेज रहा हूँ, मैडम.

कुछ दिन बाद ठग ने फोन करके कहा—“मैडम, मैंने आपके लिए नया सेट भेज दिया है।”प्रीति ने जैसे ही बॉक्स खोला…अंदर चमकती मशीनें नहीं, बल्कि साधारण प्लाइवुड और कार्डबोर्ड की चद्दरें। सीधा कहें तो—‘मशीन’ की जगह ‘मजाक’ भेजा गया था।

● मालाड पुलिस की एंट्री—और ठग की छुट्टी.

5 दिसंबर को प्रीति पवार ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।जांच में पता चला कि पूरा मामला ठगी का था और ठग डॉक्टर बनकर लोगों को चूना लगा रहा था।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण की टीम ने तुरंत एक्शन लिया और निशांत मेहता को दबोच लिया। अगले दिन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।अब उस पर कौन-सी ‘थेरेपी’ चलेगी, ये पुलिस ही बताएगी।

● इस केस में सबसे बड़ा सबक.

मुंबई में कोई भी डील—खासकर ऑनलाइन—भरोसे पर नहीं, पूरी जांच-परख के बाद ही करनी चाहिए।ठग अब डॉक्टर, इंजिनियर, कंपनी मालिक—हर रूप में आते हैं।लेकिन मुंबई पुलिस के हाथ इतने तेज हैं कि एक बार शिकायत मिलते ही ठग की ‘सर्विसिंग’ शुरू हो जाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

नेपाल की मदद के लिए विशेष राहत कोष तैयार करे भारत सरकार: भवानजी।

मुंबई वार्ता संवाददाता मुंबई के पूर्व उप महापौर...

स्मार्ट मीटर के विरोध में सर्वदलीय आंदोलन, 7 सितंबर को मुंबई-अहमदाबाद हाईवे जाम करने का ऐलान।

मुंबई वार्ता संवाददाता वसई-विरार में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने...

ड्यूटी के दौरान रील्स-वीडियो बनाने पर MSRTC कर्मचारियों को रोक, प्रचार के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को बढ़ावा।

मुंबई वार्ता संवाददाता महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC)...