श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

राज्य परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक रडार प्रणाली से लैस इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। 11 दिसंबर से शुरू हुई इस मुहिम में अब तक 3,233 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है और 33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।


परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियमों का सबसे अधिक उल्लंघन दोपहिया वाहन चालकों द्वारा किया गया है। कुल मामलों में से 54.8 प्रतिशत यानी 1,772 केस बिना हेलमेट बाइक चलाने के हैं। इसके बाद बिना हेलमेट पीछे बैठने वाले सवारी, ओवरस्पीडिंग करने वाले और सीट बेल्ट न पहनने वाले कार चालकों पर कार्रवाई की गई है।
● 69 इंटरसेप्टर वाहन तैनात, 200 अधिकारियों को प्रशिक्षण.
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए परिवहन विभाग ने 69 इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद की है। इन वाहनों में अत्याधुनिक रडार सिस्टम लगाए गए हैं। इनके संचालन के लिए 200 मोटर वाहन निरीक्षकों और सहायक मोटर वाहन निरीक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
● एक साथ चार नियम उल्लंघन पकड़ने में सक्षम रडार सिस्टम.
आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक, ये इंटरसेप्टर वाहन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, राष्ट्रीय और राज्य महामार्गों तथा शहर के आंतरिक रास्तों पर तैनात किए गए हैं। रडार तकनीक की मदद से एक ही समय में चार प्रकार के यातायात नियम उल्लंघनों की पहचान की जा सकती है, जिससे एक घंटे में सैकड़ों वाहनों पर कार्रवाई संभव हो रही है।
● रात में भी सख्त निगरानी.
नए इंटरसेप्टर वाहनों में एनपीआर (नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरा, वाई-फाई और रडार प्रणाली लगी है। इन्फ्रारेड तकनीक के कारण रात के समय भी प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों को केवल एक निश्चित क्षेत्र (ज़ोन) तय करना होता है, जिसके बाद वाहन गतिविधियों पर स्वचालित निगरानी रखी जाती है।
● नए साल में और तेज होगी कार्रवाई.
नए वर्ष को देखते हुए मुंबई समेत बड़े शहरों में इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए कार्रवाई और तेज करने के संकेत आरटीओ ने दिए हैं। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।


