मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई उच्च न्यायालय ने जुलाई 2025 में सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने पर प्रतिबंध लगाया था। इस आदेश का उल्लंघन करने के मामले में वांद्रे स्थित महानगर दंडाधिकारी न्यायालय ने दादर के एक व्यापारी को दोषी ठहराते हुए जुर्माना लगाया है। मुंबई में इस तरह के अपराध में यह पहली कानूनी सज़ा मानी जा रही है।


● क्या है मामला?
दादर निवासी 52 वर्षीय व्यापारी नितिन शेठ ने 1 अगस्त 2025 को माहिम के एल. जे. रोड स्थित हिंदुजा अस्पताल के पास कबूतरखाने में कबूतरों को दाना डाला था। ड्यूटी पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ा और मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, कबूतरों की बीट और पंखों से सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा होता है, यह जानकारी होने के बावजूद उन्होंने यह कृत्य किया।
● अदालत का अहम फैसला
वांद्रे की 9वीं अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी यू. वी. मिसाळ ने 22 दिसंबर 2025 को फैसला सुनाया। अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी का यह कृत्य मानव जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरनाक है और सरकारी आदेशों की अवहेलना कर उन्होंने ऐसे संक्रमण के प्रसार में योगदान दिया है जो जानलेवा हो सकता है।
● सज़ा और जुर्माना
नितिन शेठ ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार किया और माफी की मांग की। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत:धारा 223(बी): लोकसेवक के वैध आदेश की अवज्ञा पर ₹3,000 का जुर्मानाधारा 271: जानलेवा बीमारी फैलने का जोखिम पैदा करने वाले लापरवाह कृत्य पर ₹2,000 का जुर्माना।
इस प्रकार, आरोपी पर कुल ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया।



सबको कानून का पालन करना चाहिए