मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा में सुरक्षा के लिहाज़ से एक बड़ा कदम उठाते हुए सेंट्रल रेलवे पहली नॉन-एसी लोकल ट्रेन में ऑटोमैटिक क्लोज़्ड डोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यह फैसला जून 2025 में हुए मुंब्रा हादसे के बाद लिया गया है, जिसमें भीड़भाड़ के दौरान चलती ट्रेन से गिरने से पांच यात्रियों की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। इस घटना ने खुले दरवाज़ों के पास यात्रा करने के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया।


इसके बाद रेलवे बोर्ड ने तय किया कि आने वाली सभी नॉन-एसी उपनगरीय ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाज़े लगाए जाएंगे। दशकों से मुंबई लोकल की संस्कृति में खुले दरवाज़ों के पास खड़े होकर सफर करना एक मजबूरी और “रोज़मर्रा का जोखिम” माना जाता रहा है। हालांकि, मुंब्रा त्रासदी के बाद इस व्यवस्था पर गंभीर पुनर्विचार शुरू हुआ।रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नई नॉन-एसी लोकल ट्रेनों में पारंपरिक खुले दरवाज़ों की जगह बंद दरवाज़ों की व्यवस्था होगी, लेकिन ट्रेनों को पूरी तरह एसी नहीं बनाया जाएगा, ताकि किराया आम यात्रियों के लिए किफायती बना रहे।


हाल ही में ऑटोमैटिक बंद दरवाज़ों वाली पहली नॉन-एसी लोकल की तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में मेट्रो-स्टाइल ऑटोमैटिक दरवाज़े दिख रहे हैं, जो चलती ट्रेन में बंद रहेंगे और केवल स्टेशनों पर खुलेंगे। यह मुंबई की नॉन-एसी लोकल ट्रेनों के डिज़ाइन में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।बताया जा रहा है कि यह ट्रेन सीएसएमटी–कल्याण रूट पर पीक आवर्स के दौरान चलाई जाएगी।
सेंट्रल रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, रेक तैयार हो चुका है और व्यापक ट्रायल व सुरक्षा जांच के बाद ही इसे नियमित सेवा में उतारा जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारी भीड़ को संभालने की क्षमता सुनिश्चित की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना पर सितंबर 2025 में काम शुरू हुआ था। कुर्ला कारशेड में तत्कालीन सेंट्रल रेलवे महाप्रबंधक धरम वीर मीणा की मौजूदगी में ट्रायल रन किए गए। अक्टूबर तक प्रोटोटाइप तैयार हो गया था। शुरुआती चरण में सीएसएमटी–कल्याण कॉरिडोर पर मौजूदा रेक्स को धीरे-धीरे बंद दरवाज़ों वाली नॉन-एसी ट्रेनों से बदलने की योजना है।इस कदम पर यात्रियों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। कई लोग इसे सुरक्षा में सुधार मान रहे हैं, जबकि कुछ को भीड़ के दौरान घुटन की आशंका है।
इस पर रेलवे ने स्पष्ट किया कि वेंटिलेशन से कोई समझौता नहीं होगा। नॉन-एसी कोच पूरी तरह इंटरकनेक्टेड होंगे, जैसे एसी लोकल में होते हैं, जिससे हवा का प्रवाह और यात्रियों की आवाजाही बनी रहेगी।
फिलहाल, सेवा शुरू होने की तारीख और किराए में किसी बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


