■ दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ की खुदाई तेज़ी से जारी.
■ 10 मार्च 2026 तक टनल बोरिंग मशीनों (टीबीएम) को शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी.
मुंबई वार्ता संवाददाता

गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना के अंतर्गत गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में 5.3 किलोमीटर लंबी, तीन लेन वाली जुड़वां सुरंग के निर्माण के लिए ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ की खुदाई कार्य तेज़ी से चल रहा है। इस परियोजना में भूमिगत सुरंग निर्माण के लिए दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों (टीबीएम) का उपयोग किया जाएगा। इनमें से एक टीबीएम के सभी घटक उपलब्ध हो चुके हैं, जबकि दूसरी टीबीएम के शेष घटक गुरुवार, 22 जनवरी 2026 की रात कार्यस्थल पर पहुंचने वाले हैं।


खुदाई के पहले चरण का कार्य पूरा कर 10 मार्च 2026 तक टीबीएम को शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद जून 2026 से वास्तविक सुरंग खुदाई कार्य आरंभ होगा। परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो, इसके लिए आवश्यक सभी उपाय करने और कार्य की गति व गुणवत्ता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने दिए हैं।


बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा क्रियान्वित गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड परियोजना चार चरणों में प्रस्तावित है। चरण 3(बी) के अंतर्गत दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में 5.3 किलोमीटर लंबी, तीन लेन वाली सुरंग के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई तेज़ी से जारी है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने 21 जनवरी 2026 को कार्यस्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान महानगरपालिका के अभियंता और परामर्शदाता उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान बांगर ने बताया कि लॉन्चिंग शाफ्ट का कुल आकार लगभग 200 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 30 मीटर गहरा है। खुदाई गहराई तक की जा रही है तथा किनारी दीवारों को सुरक्षित रखने के लिए ‘रॉक एंकरिंग’ की गई है। अब तक 23 मीटर गहराई तक खुदाई पूरी हो चुकी है। शेष 7 मीटर खुदाई शीघ्र पूरी कर टीबीएम को लॉन्च करने के लिए ‘क्रैडल’ निर्माण का कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1400 से 1500 क्यूबिक मीटर पत्थर और मिट्टी खुदाई से निकल रही है, जिसका परिवहन प्रतिदिन करीब 120 वाहनों के माध्यम से किया जा रहा है। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए खुदाई की गति बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अभिजीत बांगर ने बताया कि 10 मार्च 2026 तक शाफ्ट में TBM उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद अगले तीन महीनों में TBM और उसके पीछे तीन गैंट्री जोड़ने का कार्य पूरा किया जाएगा। जून 2026 से वास्तविक सुरंग खुदाई शुरू करने की योजना है। तीन लेन वाली बॉक्स टनल का निर्माण इंजीनियरिंग की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। TBM की सहायता से लगभग 5.3 किलोमीटर लंबाई की जुड़वां सुरंगों की खुदाई की जाएगी। बॉक्स टनल सहित कुल लंबाई लगभग 6.62 किलोमीटर होगी। प्रत्येक सुरंग का बाहरी व्यास लगभग 14.42 मीटर होगा।गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों को जोड़ने वाला एक प्रमुख नया संपर्क मार्ग होगा।
इससे विशेष रूप से उत्तर मुंबई की यातायात व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। जोगेश्वरी–विक्रोली लिंक रोड (JVLR) की तुलना में इस नए मार्ग से यात्रा दूरी लगभग 8.80 किलोमीटर कम हो जाएगी। परिणामस्वरूप यात्रियों का समय और ईंधन बचेगा तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।


