मुंबई वार्ता संवाददाता

सत्ताधारी भाजपा ने मुंबई में अनधिकृत फेरीवालों और कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। इसी कड़ी में भाजपा ने ‘बांग्लादेशी मुस्लिम फेरीवाला मुक्त मुंबई अभियान’ की घोषणा की है। इस अभियान की शुरुआत पूर्व सांसद किरीट सोमय्या के नेतृत्व में मुंबई के मुलुंड इलाके से की गई।


भाजपा के इस कदम से आने वाले दिनों में मुंबई की राजनीति और ज्यादा गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।किरीट सोमय्या पिछले कई महीनों से बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहे हैं। वे राज्य के विभिन्न शहरों का दौरा कर इस विषय को सार्वजनिक मंचों पर रख चुके हैं।


उन्होंने मुंबई में यह अभियान शुरू करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन परिसरों को यात्रियों के लिए खाली कराना और अनधिकृत घुसपैठियों के अतिक्रमण को हटाना है।मुलुंड से अभियान की शुरुआतमुलुंड में अभियान की शुरुआत के दौरान भाजपा नेता मनोज कोटक और मिहिर कोटेचा, पुलिस प्रशासन और मुंबई महानगरपालिका (BMC) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस मौके पर किरीट सोमय्या ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और प्रशासनिक नियमों के अनुसार रेलवे स्टेशन से 100 मीटर के दायरे में एक भी फेरीवाला नहीं होना चाहिए। इस नियम को सख्ती से लागू कराने के लिए भाजपा सड़कों पर उतरी है और आने वाले समय में यह अभियान और तेज किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य फोकस मुंब्रा और वे इलाके हैं जहां बांग्लादेशी माफिया का प्रभाव बताया जाता है, ताकि इन क्षेत्रों को फेरीवाला मुक्त किया जा सके।
15 दिनों में कई उपनगरों में कार्रवाईमुलुंड के बाद भाजपा ने अब पूर्वोत्तर मुंबई के अन्य उपनगरों की ओर रुख किया है। अगले 15 दिनों में भांडुप, कांजूरमार्ग, विक्रोली, घाटकोपर और विद्याविहार जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशन क्षेत्रों में भी यह अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन और पुलिस की मदद से अनधिकृत फेरीवालों के खिलाफ सीधी कार्रवाई कर मुंबईकरों को इस परेशानी से राहत देने का भाजपा ने दावा किया है।
■ जन्म प्रमाणपत्र घोटाले का भी खुलासा
इसी दौरान किरीट सोमय्या ने नांदेड जिले के सावळेश्वर गांव में कथित जन्म प्रमाणपत्र घोटाले का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गांव की कुल आबादी करीब 1,500 है, जबकि 1 मई 2025 से 30 नवंबर 2025 के सिर्फ सात महीनों में 15,570 जन्म पंजीकरण किए गए।सोमय्या के अनुसार, इन जन्म प्रमाणपत्रों में दर्ज एक भी व्यक्ति गांव में रहने वाला नहीं है। ये जन्म प्रविष्टियां सावळेश्वर ग्राम पंचायत में दर्ज की गई थीं, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।भाजपा के इन आक्रामक अभियानों और आरोपों के चलते मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


