मुंबई वार्ता संवाददाता

बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने 12 संपत्तियों की ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन संपत्तियों पर कुल 378 करोड़ 63 लाख 67 हजार 557 रुपये का मालमत्ता कर (प्रॉपर्टी टैक्स) बकाया है। संबंधित संपत्ति धारकों को 21 दिन की अंतिम नोटिस जारी की गई है। निर्धारित अवधि में बकाया राशि जमा नहीं करने पर नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।


महानगरपालिका के कर निर्धारण एवं संकलन विभाग ने 23 फरवरी 2026 को यह कार्रवाई शुरू की। नीलामी में 10 खुले भूखंड, एक व्यावसायिक इमारत और एक मिश्रित उपयोग की संपत्ति शामिल है।अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी ने स्पष्ट किया कि कर बकायेदारों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


यह कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी के निर्देश तथा सहआयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार के मार्गदर्शन में की जा रही है।जिन प्रमुख संपत्तियों को ई-नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया गया है, उनमें एच पश्चिम विभाग स्थित मेसर्स सुमेर असोसिएट्स का भूखंड (लगभग 188.46 करोड़ रुपये बकाया), एस विभाग भांडुप में मेसर्स राजहंस असोसिएट्स की व्यावसायिक इमारत (47.02 करोड़ रुपये बकाया), आर दक्षिण विभाग कांदिवली पूर्व में विठ्ठलराव खापरे का भूखंड, ई विभाग रे रोड क्षेत्र में मुल्ला गुलाम अली के नाम दर्ज तीन भूखंड, खार और सांताक्रूज पश्चिम क्षेत्र के अन्य भूखंड तथा एल्को आर्केड सहकारी गृहनिर्माण संस्था की मिश्रित उपयोग की संपत्ति शामिल हैं।
महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1888 की धारा 206(2) के तहत यह नोटिस जारी की गई है। यदि 21 दिनों में कर जमा नहीं किया गया तो अधिनियम की धारा 203, 204, 205 और 206 के प्रावधानों के अनुसार पहले संपत्ति की वस्तुओं की जब्ती और उसके बाद विधिवत नीलामी की जाएगी।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आर्थिक क्षमता होने के बावजूद कर नहीं चुकाने वाले बड़े बकायेदारों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त अभियान जारी रहेगा।


