मुंबई वार्ता संवाददाता

विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) मुंबई शाखा ने गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मुंबई के सहयोग से सह्याद्री दूरदर्शन पर एक विशेष राज्यव्यापी जनजागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूरे महाराष्ट्र के नागरिकों तक मौखिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाना तथा उन्हें बेहतर दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।


इस विशेष प्रसारण के माध्यम से शहरी ही नहीं बल्कि ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के दर्शकों तक भी प्रभावी रूप से पहुँच बनाई गई। कार्यक्रम में आम जनता को दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली सही मौखिक स्वच्छता आदतों, नियमित दंत जांच के महत्व तथा गंभीर बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।


इस अवसर पर डॉ. राजेश प्रभाकर गायकवाड , प्रोफेसर (अकादमिक) एवं सचिव, आईडीए मुंबई शाखा, तथा डॉ. संध्या छावन , सहयोगी प्राध्यापिका एवं विभागाध्यक्ष, सामाजिक दंतशास्त्र विभाग, शासकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल, मुंबई, ने दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने दांतों और मसूड़ों की स्वच्छता बनाए रखने के सही तरीके, तंबाकू एवं उससे संबंधित उत्पादों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणाम, मुख कैंसर के बढ़ते खतरे, तथा समाज में प्रचलित विभिन्न मिथकों और भ्रांतियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।


उन्होंने यह भी बताया कि कैसे छोटी-छोटी सावधानियाँ—जैसे दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करना, फ्लॉस का उपयोग, नियमित डेंटल चेकअप, और संतुलित आहार—दीर्घकालिक मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की जानकारी भी दी, जिससे अधिक से अधिक लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
यह पहल विशेष रूप से समाज के वंचित एवं ग्रामीण वर्गों को ध्यान में रखकर की गई थी, जहाँ अभी भी मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अभाव देखा जाता है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल जानकारी प्रदान की गई, बल्कि लोगों को निवारक (preventive) दंत चिकित्सा अपनाने के लिए प्रेरित भी किया गया।इस अवसर पर डॉ. रोहित शाह(अध्यक्ष, आईडीए मुंबई शाखा) ने कहा,”हर घर तक मौखिक स्वास्थ्य की जागरूकता पहुँचाना आज की आवश्यकता है। जागरूकता ही रोकथाम की पहली सीढ़ी है, और ऐसे कार्यक्रम समाज को अधिक स्वस्थ और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
डॉ. डिम्पल पडवे(अधिष्ठाता, गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल, मुंबई) ने कहा कि,” इस प्रकार के शैक्षणिक और जनजागरूकता कार्यक्रमों का विशेष प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिलता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से लोगों में न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वे समय पर उपचार लेने के लिए भी प्रेरित होते हैं, जिससे गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव हो पाती है।
यह कार्यक्रम स्वास्थ्य शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसेवा के प्रति आईडीए मुंबई शाखा एवं गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज, मुंबई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों के माध्यम से समाज में मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे।


