श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

नवी मुंबई के एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में 27 मार्च 2026 को बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की कथित आत्महत्या के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में मुंबई जोनल यूनिट के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


पुलिस के अनुसार, शिकायत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत दर्ज की गई है। यह जानकारी 27 मार्च की शाम करीब 7:49 बजे जनरल डायरी में दर्ज की गई, जबकि शिकायत उसी दिन पहले पुलिस को प्राप्त हुई थी।एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं शामिल की गई हैं, जिनमें धारा 108, 308(3), 352, 351(2) और 3(5) प्रमुख हैं। ये धाराएं उकसावे, आपराधिक धमकी, बल प्रयोग और साझा मंशा से किए गए अपराधों से संबंधित हैं। इन धाराओं के शामिल होने से संकेत मिलता है कि मामला कथित तौर पर दबाव, उत्पीड़न और आत्महत्या से जुड़े गंभीर आरोपों से जुड़ा हो सकता है।


एफआईआर के मुताबिक, यह घटनाक्रम 2 फरवरी 2025 से 25 अप्रैल 2025 के बीच का बताया गया है। हालांकि, शिकायत लगभग एक वर्ष बाद मार्च 2026 में दर्ज कराई गई। रिपोर्ट में देरी का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन इसके स्पष्ट कारण सामने नहीं आए हैं।शिकायतकर्ता, जो वर्ष 1970 में जन्मे एक व्यक्ति हैं, ने अपनी पहचान और संपर्क विवरण पुलिस को सौंपे हैं। एफआईआर में कई आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें अमित घावटे प्रमुख आरोपी हैं। हालांकि, सभी आरोपियों की भूमिका और संलिप्तता की सीमा अभी जांच के अधीन है।
घटनास्थल नवी मुंबई पुलिस के अधिकार क्षेत्र में बताया गया है। फिलहाल, इस मामले में किसी प्रकार के वित्तीय नुकसान या संपत्ति क्षति की जानकारी सामने नहीं आई है।पुलिस और अन्य एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं, जिसमें आरोपों की पुष्टि, सबूतों की जांच और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
आगे की कार्रवाई, जिसमें संभावित गिरफ्तारी भी शामिल है, जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम शामिल है और इसकी जांच भारतीय न्याय संहिता के नए प्रावधानों के तहत की जा रही है।
फिलहाल, अधिकारियों की ओर से जांच की प्रगति पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


