तुलजापुर,मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर तीखा हमला करते हुए किसान कर्जमाफी को “लबाडाघर का खाना” यानी झूठा वादा बताया।


उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिलता, तब तक ऐसी घोषणाओं का कोई मतलब नहीं है। सपकाल ने मांग की कि किसानों का 7/12 (भूमि रिकॉर्ड) कर्जमुक्त किया जाए और कृषि उपज को गारंटीकृत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाए।धाराशिव जिले के सुरतगांव से तुलजापुर तक निकाली गई ‘शेतकरी संघर्ष न्याय यात्रा’ को व्यापक समर्थन मिला। इस यात्रा का नेतृत्व हर्षवर्धन सपकाल ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। यात्रा का समापन तुलजापुर में सभा के साथ हुआ।


सपकाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में किसानों के हितों से समझौता किया है, जिससे भारतीय कृषि को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही प्राकृतिक और आर्थिक संकटों से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह नीतियां उन्हें और कमजोर कर रही हैं।


राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने देवेंद्र फडणवीस पर “महाराष्ट्र धर्म” और संविधानिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और एक विशेष विचारधारा थोपने की कोशिश हो रही है।महंगाई, बेरोजगारी और एलपीजी जैसी बुनियादी जरूरतों की कमी को लेकर भी सपकाळ ने सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और गैस की समस्या बढ़ रही है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।नाशिक के कथित “भोंदू बाबा” अशोक खरात मामले पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। सपकाळ ने कहा कि इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसमें शामिल सभी जिम्मेदार लोगों—चाहे वे मंत्री, विधायक या अधिकारी हों—पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण के मास्टरमाइंड को सामने लाया जाए।सपकाल ने यह भी कहा कि राज्य को पूर्णकालिक गृह मंत्री की जरूरत है और सरकार को केवल दावे करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।


