मुंबई वार्ता संवाददाता

महात्मा ज्योतिबा फुले का महाराष्ट्र और देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सत्यशोधक आंदोलन, प्रगतिशील विचारधारा की विरासत और सामाजिक न्याय की नींव आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उनके विचारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है और कांग्रेस पार्टी उसी विचारधारा के आधार पर आगे बढ़ रही है, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


सत्यशोधक आंदोलन के प्रणेता क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे स्थित महात्मा फुले वाडा का दौरा कर उन्हें अभिवादन किया। इस अवसर पर पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शिंदे, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, पूर्व मंत्री रमेश बागवे, प्रदेश महासचिव भानुदास माळी, नगरसेवक प्रशांत जगताप, पूर्व विधायक दीप्ति चौधरी, शहर उपाध्यक्ष प्राची दूधाने, अविनाश बागवे, राज अंबिके तथा कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।


मीडिया से बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि की खोज की थी। वहीं क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले ने पुणे में लड़कियों के लिए पहली स्कूल शुरू कर महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। इस क्रांतिकारी पहल का मनुवादी विचारधारा ने कड़ा विरोध किया और सावित्रीबाई फुले को अत्याचार सहना पड़ा। कांग्रेस का विरोध इन्हीं मनुवादी विचारों के खिलाफ है और ऐसे विचारों वाले लोग आज सत्ता में हैं, ऐसा भी सपकाल ने कहा।
महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती वर्ष पर वर्षभर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे2026 वर्ष महात्मा ज्योतिबा फुले का द्विशताब्दी वर्ष है। इस अवसर पर सत्यशोधक विचारों के प्रसार के लिए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माध्यम से पूरे राज्य में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए ‘महात्मा फुले उत्सव समिति’ का गठन किया गया है। इस समिति की योजना बैठक कांग्रेस भवन, पुणे में प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की उपस्थिति में संपन्न हुई।
इस बैठक में समिति अध्यक्ष भानुदास माली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, पूर्व मंत्री रमेश बागवे, किशोर कान्हेरे, भाई नगराले, शहराध्यक्ष अरविंद शिंदे, पूर्व विधायक दीप्ति चौधरी, वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल तिवारी, पुणे मनपा गटनेते चंदूशेठ कदम, नगरसेवक प्रशांत जगताप, सुनील शिंदे, सुनील मलके, प्रदेश महासचिव सीमा गुट्टे, आमिर शेख, यशराज पारखी सहित कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित थे।
अजित पवार के दुर्घटना मामले की जांच पर महायुति सरकार क्यों मौन?बारामती उपचुनाव के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए सहानुभूति के आधार पर अपना नामांकन वापस लिया है, लेकिन किसी भी दल को समर्थन नहीं दिया है। कांग्रेस अपनी भूमिका पर कायम है। अजित पवार के दुर्घटना मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर कांग्रेस आज भी अडिग है। महाराष्ट्र में मामला दर्ज नहीं किया गया, लेकिन कांग्रेस शासित कर्नाटक में मामला दर्ज किया गया है और कांग्रेस उसका अनुसरण कर रही है। नामांकन वापस लेने के दिन कर्नाटक के गृहमंत्री से चर्चा कर हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार तत्काल बेंगलुरु गए और कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे के साथ कर्नाटक के गृहमंत्री से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया। साथ ही कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से भी इस विषय पर चर्चा की गई। लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की पार्टी के नेता इस मुद्दे पर चुप हैं, यह राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


