मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

नवी मुंबई के शहर नियोजन और विकास में अहम भूमिका निभाने वाली सिडको के वसाहत विभाग में भूखंड और मकानों से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने के मामलों ने प्रशासनिक खामियों को उजागर कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर सजग नागरिक मंच ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सभी संपत्ति रिकॉर्ड का तत्काल डिजिटलाइजेशन करने की मांग की है।


मंच के अनुसार, सिडको में अब भी अधिकांश रिकॉर्ड कागजों के रूप में रिकॉर्ड रूम में रखे जाते हैं, जो आग, बाढ़, चोरी या छेड़छाड़ जैसे खतरों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। ऐसी स्थिति में लाखों नागरिकों के संपत्ति अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं। यदि कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो मूल दस्तावेज नष्ट होने से हजारों भूखंड और मकानों पर कानूनी विवाद खड़े हो सकते हैं।
हाल ही में सिडको मुख्यालय से एक महत्वपूर्ण भूखंड की फाइल गायब होने की घटना सामने आई थी। मंच ने बताया कि राज्य सूचना आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद ही इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
सजग नागरिक मंच ने सिडको की रिकॉर्ड व्यवस्था में कई गंभीर खामियां बताई हैं, जिनमें अग्निरोधक रिकॉर्ड रूम का अभाव, डिजिटल बैकअप की कमी, फाइल ट्रैकिंग सिस्टम का न होना, एजेंट्स की आसान पहुंच, अपर्याप्त सीसीटीवी निगरानी और दस्तावेजों के सुरक्षित प्रबंधन के ठोस नियमों का अभाव शामिल हैं। मंच ने यह भी सवाल उठाया कि गृहनिर्माण परियोजनाओं के प्रचार पर भारी खर्च करने वाली सिडको रिकॉर्ड सुरक्षा के लिए संसाधनों की कमी का बहाना नहीं बना सकती।
मंच ने सरकार से छह महीने के भीतर सभी रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन, हर फाइल को यूनिक आईडी देना, क्लाउड और ऑफलाइन बैकअप सिस्टम विकसित करना, बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल लागू करना, अग्निरोधक रिकॉर्ड रूम बनाना और वार्षिक सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य करने जैसी मांगें की हैं।
इसके साथ ही, गायब फाइल मामले की स्वतंत्र जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। इस पूरे प्रकरण ने सिडको के कामकाज की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन से तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत जताई जा रही है।


