श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के नाम पर सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है और 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को अब तक लागू नहीं किया गया है।


राजीव गांधी भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में गायकवाड ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही सर्वसम्मति से पारित होकर कानून बन चुका है, लेकिन उसकी वास्तविक अंमलबजावणी नहीं की जा रही। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस मुद्दे का इस्तेमाल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनावी फायदे के लिए कर रही है।


गायकवाड ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके पीछे संसद और विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन (डिलिमिटेशन) का छुपा एजेंडा है। उनके अनुसार, प्रस्तावित पुनर्रचना से उत्तर भारत के सीटों में बढ़ोतरी होगी, जबकि दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व घटेगा, जिससे राजनीतिक रूप से भाजपा को फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों में यदि महिला आरक्षण लागू किया जाए, तो लगभग 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। लेकिन सरकार इसे जनगणना और डिलिमिटेशन से जोड़कर लागू करने में देरी कर रही है।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए गायकवाड ने कहा कि महिलाओं के प्रति उनका “कळवळा” (चिंता) केवल दिखावा है और इसे उन्होंने “पुतना मासी के प्रेम” जैसा बताया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि स्थानीय स्वराज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस सरकार ने ही दिया था, जिसका उस समय भाजपा ने विरोध किया था।
उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए और इसे जनगणना या अन्य प्रक्रियाओं से जोड़कर टालने की कोशिश बंद की जाए।


