मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने सिडको और नैना (नवी मुंबई एयरपोर्ट प्रभावित अधिसूचित क्षेत्र) को दी गई उन जमीनों को वापस सरकारी नियंत्रण में लेने के निर्देश दिए हैं, जहां विकास कार्य वर्षों से लंबित है या शर्तों का उल्लंघन हुआ है।मंत्रालय में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि ऐसी सभी जमीनों की पहचान कर उन्हें पुनः सरकार के अधीन किया जाए।


इस बैठक में कोकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल, रायगढ़ जिलाधिकारी किसन जावळे तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।राजस्व मंत्री ने कोकण विभागीय आयुक्त को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उनके अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो यह जांच करेगी कि कितनी जमीनें किन संस्थाओं को आवंटित की गई थीं और उनमें से किन मामलों में कानूनी शर्तों का उल्लंघन हुआ है।
यह समिति पूरे प्रकरण की समीक्षा कर सिडको और नैना से जमीन वापस लेने का प्रस्ताव राज्य सरकार को सौंपेगी। इस प्रक्रिया की रिपोर्ट एक महीने के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।बैठक में अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई, जिनमें विभिन्न संस्थाओं को जमीन आवंटन, तथा उपयोग में न लाई जा रही सरकारी जमीनों को वापस लेने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इन निर्देशों से अवैध कब्जे या शर्तभंग वाली जमीनों को सरकार के नियंत्रण में लाने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।


