मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बृहन्मुंबई क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की गई है। यह अपील बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भिडे ने की।


बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में आज विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिलों में यह विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।


बैठक में विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधि और नगरसेवक उपस्थित रहे। साथ ही अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा, डॉ. अश्विनी जोशी, अभिजीत बांगर, डॉ. अविनाश ढाकणे, मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक की शुरुआत में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से एसआईआर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान कार्यक्रम के विभिन्न चरणों — पूर्व पुनरीक्षण, गणना (एन्यूमरेशन), एएएसडी सूची (पहले से पंजीकृत, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत), प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशन, दावा-आपत्ति अवधि और अंतिम सूची प्रकाशन — पर चर्चा की गई।
अश्विनी भिडे ने बताया कि महाराष्ट्र में पिछला विशेष सघन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में हुआ था। तब से अब तक बड़े पैमाने पर हुए पलायन, दोहराव वाली प्रविष्टियां, मृत मतदाताओं के नाम और अन्य विसंगतियों को सुधारना आवश्यक हो गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मुंबई में मतदाताओं का मैपिंग कार्य जारी है, जिसमें 2002 की मतदाता सूची के नामों को 2024 की सूची से मिलाकर बीएलओ ऐप में अपडेट किया जा रहा है।
कार्यक्रम को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए महानगरपालिका ने मतदान केंद्र स्तर अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति की है। साथ ही राजनीतिक दलों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई है, ताकि प्रक्रिया समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी हो सके।


