श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) ने संभावित जल संकट को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। पालिका आयुक्त Ashwini Bhide ने घोषणा की है कि 15 मई से पूरे मुंबई में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की जाएगी।


■जलाशयों में घटा पानी का स्तर
मुंबई को रोजाना करीब 3,850 मिलियन लीटर पानी सात झीलों और बांधों—अप्पर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुळशी—से सप्लाई किया जाता है।
लेकिन इस साल कम बारिश और अधिक बाष्पीकरण के कारण इन जलाशयों में केवल 27% पानी ही बचा है, जिससे आने वाले समय में संकट की आशंका बढ़ गई है।


■ क्यों लिया गया फैसला?
बीएमसी के अनुसार, मानसून आने तक मौजूदा पानी को संभालकर इस्तेमाल करना जरूरी है। इसी कारण एहतियात के तौर पर यह कटौती लागू की जा रही है, ताकि शहर में पानी की आपूर्ति लगातार बनी रहे।
लोगों को क्या असर पड़ेगा?
■15 मई से लागू होने वाली इस कटौती के कारण:
इमारतों की पानी की टंकियां भरने में देरी हो सकती है,
रोजमर्रा के उपयोग में पानी की कमी महसूस होगी,
नागरिकों को सीमित पानी में काम चलाना होगा।
पालिका ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, बल्कि पानी का उपयोग बेहद सावधानी और बचत के साथ करें।
बीएमसी ने राज्य सरकार से भातसा और वैतरणा बांधों के आरक्षित स्टॉक से 237 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी देने की मांग की है।
इस संबंध में सरकार को आधिकारिक पत्र भी भेजा गया है। अगर यह अतिरिक्त पानी मिल जाता है, तो मुंबईकरों को पानी कटौती से कुछ राहत मिल सकती है।
पालिका आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाया गया है और नागरिकों के सहयोग से ही इस संकट से निपटा जा सकता है।


