मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

King Edward Memorial Hospital (KEM) अस्पताल में मंगलवार तड़के एक गंभीर घटना सामने आई, जहां मृत मरीज के परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद नर्स और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की।
घटना के दौरान 34 वर्षीय नर्स तेजस्विनी पाटिल गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, तीन सुरक्षा गार्डों को प्राथमिक उपचार दिया गया।


अस्पताल कर्मचारियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 5:00 बजे से 6:30 बजे के बीच हुई। लगभग 10 लोगों का एक समूह, जो मृत मरीज के परिजन बताए जा रहे हैं, वार्ड नंबर 41 में घुस आया और नर्स स्टेशन को घेर लिया।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर से मिलने की मांग की। इसी दौरान उन्होंने अस्पताल स्टाफ के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ में शामिल दो महिलाओं ने नर्स के साथ हाथापाई भी की।
जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय एक मरीज, जो बड-चियारी सिंड्रोम (गंभीर लिवर बीमारी) से पीड़ित था, पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती था। सोमवार देर शाम डॉक्टरों ने परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था और उनसे सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए गए थे।
मंगलवार तड़के करीब 2 बजे ECG के बाद डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया।
अस्पताल स्टाफ ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक कर्मचारी के अनुसार, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल सिक्योरिटी फोर्स (BMSF) के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाते और अधिकांश काम महाराष्ट्र सिक्योरिटी फोर्स (MSF) पर छोड़ देते हैं।
दूसरे कर्मचारी ने बताया कि यह हंगामा एक घंटे से ज्यादा चला, लेकिन सुरक्षाकर्मी और पुलिस समय पर स्थिति को काबू में नहीं कर सके।
घटना के विरोध में सुबह करीब 10:30 बजे नर्सों ने अस्पताल के डीन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सुरक्षा में सुधार और मरीजों के परिजनों के लिए पास सिस्टम लागू करने की मांग की है।
एक वरिष्ठ नर्स ने चेतावनी दी है कि यदि गुरुवार तक FIR दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो अस्पताल की करीब 900 नर्सें काम बंद कर देंगी।
अस्पताल प्रशासन ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।


