श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

कुख्यात गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को आज सुबह तुर्किये से भारत लाया गया। उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि Narcotics Control Bureau (NCB) ने सलीम डोला को भारत वापस लाने में अहम उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी मोदी सरकार के उस संकल्प को दर्शाती है, जिसमें सभी नारकोटिक्स अपराधियों और संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों को कानून के दायरे में लाना शामिल है।


अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि ड्रग कार्टेल को खत्म करने के अभियान के तहत भारत की एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती से काम कर रही हैं और वैश्विक एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ा रही हैं।
एनसीबी ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर “ऑपरेशन ग्लोबल-हंट” के तहत सलीम डोला की वापसी सुनिश्चित की। उसे भारत लाने के बाद तुरंत हिरासत में ले लिया गया।


सलीम डोला कई मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पिछले दो दशकों में उसने मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक फैला एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क खड़ा कर लिया था। वह महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन और मेथामफेटामाइन जैसे नशीले पदार्थों की बड़ी खेपों से जुड़े मामलों में शामिल रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, डोला भारत में ड्रग्स की सप्लाई चेन का एक बड़ा सप्लायर था, जो नीचे के नेटवर्क तक मादक पदार्थ पहुंचाता था। वह गुजरात एटीएस और मुंबई पुलिस को भी कई मामलों में वांछित था।
इससे पहले 2025 में उसके बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को यूएई से डिपोर्ट कर मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
गृह मंत्रालय ने कहा कि यह ऑपरेशन तुर्किये, INTERPOL और भारतीय एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और सहयोग का उदाहरण है।


