मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Computer Based Test – CBT) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन मंत्री आशिष शेलार ने मंगलवार को विधान परिषद में यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि MPSC परीक्षाओं का किसी भी प्रकार का निजीकरण नहीं किया जाएगा।


मंत्री आशिष शेलार ने बताया कि 5 मई 2020 के सरकारी निर्णय के बाद विभिन्न विभागों की बड़ी संख्या में रिक्तियां MPSC के माध्यम से भरी जानी हैं। पहले आयोग हर वर्ष लगभग 7 से 7.5 हजार पदों पर भर्ती करता था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 50 से 60 हजार पद प्रतिवर्ष तक पहुंचने वाली है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और अधिक प्रभावी बनाने के लिए CBT प्रणाली अपनाना आवश्यक हो गया है।
उन्होंने कहा कि ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए स्कूलों और कॉलेजों पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि उसी समय केंद्र सरकार, विभिन्न राज्यों, बैंकों और अन्य संस्थाओं की प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होती हैं। इससे परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन जाती है। CBT प्रणाली इस समस्या का प्रभावी समाधान है।
सरकार का लक्ष्य है कि अभ्यर्थियों की परीक्षा और नियुक्ति उसी वर्ष पूरी हो जाए, ताकि रिक्त पद लंबे समय तक खाली न रहें और युवाओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बताया कि आज CAT, JEE, SSC, RRB, IBPS, UGC-NET और MH-CET जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं भी CBT मोड में आयोजित की जाती हैं। इसी तरह केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों के लोक सेवा आयोग भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली अपना चुके हैं।
मंत्री शेलार ने कहा कि परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) उपलब्ध कराई जाएगी। यदि परीक्षा कई शिफ्टों में आयोजित होती है तो अंकों का नॉर्मलाइजेशन सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति ने भी CBT प्रणाली की सिफारिश की है, जिसके आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
परीक्षाओं के निजीकरण की आशंकाओं पर मंत्री आशिष शेलार ने स्पष्ट किया कि MPSC की परीक्षाओं का निजीकरण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था और बुनियादी ढांचा TCS जैसी पेशेवर संस्थाओं से लिया जा सकता है, लेकिन पूरी भर्ती प्रक्रिया MPSC और सरकार के नियंत्रण में ही रहेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और समयबद्ध बनेगी तथा राज्य के युवाओं को योग्यता के आधार पर समय पर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।


