श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

केंद्रीय गृह मंत्री के आह्वान के अनुरूप, ड्रग तस्करों की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने के उद्देश्य से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। SAFEMA एवं NDPS अधिनियम के तहत मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकरण एवं प्रशासक ने कई संपत्तियों को फ्रीज/अटैच करने के आदेश की पुष्टि की है।इन संपत्तियों में 5 बैंक खाते, 1 अचल संपत्ति, नकदी, आभूषण और 2 वाहन शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत ₹3,78,24,124/- है। ये संपत्तियाँ एक बड़े ड्रग तस्करी मामले में आरोपी सरगना दानिश एम और उसकी मुख्य सहयोगी हेन्ना एस से संबंधित हैं।


यह मामला 18.09.2025 को पुणे में नितिन जी नामक कैरियर से 502 ग्राम मेफेड्रोन की बरामदगी से जुड़ा है। इसके बाद की कार्रवाई में हेन्ना एस के घर से 839 ग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया और सहयोगी एम.जेड. शेख को भी सितंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दानिश एम और हेन्ना एस लगातार ठिकाने बदलते रहे और फरार थे।हालांकि, गहन निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों को गोवा के एक रिसॉर्ट में ठहरते हुए चिन्हित किया गया, जहाँ से अक्टूबर 2025 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।


इसके अलावा, एक अन्य प्रमुख सहयोगी एचए शेख उर्फ दानिश पिपी, जो भायखला, डोंगरी और नागपाड़ा में ड्रग वितरण का काम संभाल रहा था, उसे 25.04.2026 को मुंबई में प्रवेश करते समय गिरफ्तार किया गया।NCB एक समग्र 360-डिग्री जांच रणनीति के तहत जब्ती, गिरफ्तारी, वित्तीय जांच और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से ड्रग तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मामले की आगे जांच जारी है और अन्य वित्तीय कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि NCB ड्रग तस्करी नेटवर्क की पहचान कर उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर उनके पूरे तंत्र को तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।NCB सख्त कानून प्रवर्तन के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाने के लिए भी समर्पित है, जो भारत सरकार के “नशा-मुक्त भारत” के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई में NCB नागरिकों से सहयोग की अपील करता है। कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित जानकारी MANAS – राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर: 1933) पर साझा कर सकता है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


