मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई-नाशिक महामार्ग पर माजिवड़ा से वडपे तक बन रहे महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और आने वाले कुछ महीनों में इसके पूरी तरह तैयार होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई-नाशिक हाईवे और समृद्धि महामार्ग से मुंबई की ओर यात्रा तेज और सुगम हो जाएगी। हालांकि, इस सुविधा के साथ वाहन चालकों को टोल का अतिरिक्त भार भी उठाना पड़ेगा।


खारेगांव इलाके में पुराने टोलनाके की जगह अब नए 34-लेन टोलनाका बनाने का काम शुरू हो गया है। इससे जहां यातायात की गति बढ़ेगी, वहीं यात्रियों की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
मुंबई-नाशिक हाईवे पर रोजाना हजारों भारी वाहन उरण जेएनपीए और गुजरात से भिवंडी व नाशिक की ओर आवाजाही करते हैं। हाल ही में शुरू हुए मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग को भी भिवंडी के आमणे क्षेत्र में इसी मार्ग से जोड़ा गया है, जिससे समृद्धि महामार्ग से आने वाले वाहन भी मुंबई पहुंचने के लिए इसी हाईवे का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा कल्याण, भिवंडी क्षेत्र के हजारों छोटे वाहन भी ठाणे, मुंबई और नवी मुंबई जाने के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
इस मार्ग पर पहले खारेगांव टोलनाका वर्ष 1998 में शुरू हुआ था, लेकिन टोल वसूली के खिलाफ कई आंदोलनों के बाद 2017 में इसे स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इससे ठाणे, भिवंडी, कल्याण और नाशिक की ओर जाने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिली थी। अब करीब 9 साल बाद इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होने पर फिर से टोल वसूली शुरू होने वाली है।
खारेगांव में नए पुल के निर्माण के साथ टोलनाके का काम भी तेज़ी से चल रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद राज्य सड़क विकास महामंडल अगले 15 वर्षों तक इसकी देखरेख करेगा, जबकि टोल वसूली का जिम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिया जाएगा।
इसके अलावा ठाणे खाड़ी किनारा (कोस्टल रोड) प्रोजेक्ट को भी इस मार्ग से जोड़ा जाएगा, जिससे भारी वाहनों की संख्या और बढ़ेगी और उन पर भी टोल का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह नया टोलनाका 34 लेन का होगा।
माजिवड़ा से वडपे तक यह प्रोजेक्ट कुल 23.80 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से 21.31 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। साकेत पुल और खारेगांव खाड़ी पुल जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों पर काम जारी है। वडपे फ्लाईओवर अगले एक सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। वहीं येवई, वालशिंद, सोनाले और सरवली-पिंपलास क्षेत्रों में अंडरपास का काम पूरा हो चुका है, जबकि रेलवे पुल का काम 71 प्रतिशत तक पूरा हो गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद टोल वसूली के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


