महाराष्ट्र में संशोधित NPS अब वैकल्पिक: कर्मचारियों को 50% पेंशन का विकल्प, 31 दिसंबर 2026 तक फैसला जरूरी।

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए संशोधित नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को वैकल्पिक बना दिया है। वित्त विभाग द्वारा बुधवार को जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा NPS के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी चाहें तो संशोधित योजना को चुन सकते हैं, लेकिन इसके लिए तय समयसीमा के भीतर विकल्प देना अनिवार्य होगा।

■ 31 दिसंबर 2026 तक देना होगा विकल्प


सरकार ने पहले ही पात्र और इच्छुक कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2026 तक संशोधित योजना में शामिल होने का विकल्प देने की अनुमति दी थी। इस नई व्यवस्था का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे चुनेंगे।

■ केंद्र की UPS योजना के अनुरूप बदलाव


राज्य मंत्रिमंडल ने कुछ वर्ष पहले केंद्र की Unified Pension Scheme (UPS) के आधार पर इस संशोधित NPS को लागू करने की मंजूरी दी थी।
● 50% अंतिम वेतन के बराबर पेंशन

■ नई व्यवस्था के अनुसार:

20 साल या उससे अधिक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर अंतिम वेतन का 50% पेंशन (महंगाई भत्ते सहित) मिलेगा।
10 से 20 वर्ष की सेवा वालों को सेवा अवधि के अनुपात में पेंशन दी जाएगी।
न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह तय की गई है (कम से कम 10 साल सेवा पर)।
10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।

■ परिवार पेंशन का प्रावधान


परिपत्र के अनुसार, कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में परिवार को पेंशन का 60% (महंगाई राहत सहित) दिया जाएगा।

■ फंड जमा करने की शर्त


संशोधित योजना चुनने वाले कर्मचारियों को:

Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) से प्राप्त कुल कॉर्पस का 60% सरकार के पास जमा करना होगा।
बाकी 40% राशि से एन्युटी खरीदी जाएगी, जिसे राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन में समायोजित किया जाएगा।

■ पहले निकाली गई रकम लौटानी होगी


अगर कर्मचारी ने पहले NPS फंड से कोई निकासी की है, तो उसे 10% ब्याज के साथ वापस जमा करना होगा, अन्यथा पेंशन में कटौती की जाएगी।

■ इस्तीफा देने वालों को नहीं मिलेगा लाभ


जो कर्मचारी नौकरी से इस्तीफा देंगे, उन्हें इस संशोधित योजना के तहत पेंशन नहीं मिलेगी और वे केवल मौजूदा NPS के लाभ के पात्र रहेंगे।

■ अन्य संस्थानों पर भी लागू
यह प्रावधान आवश्यक संशोधनों के साथ:

सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों
कृषि विश्वविद्यालयों
गैर-सरकारी संबद्ध कॉलेजों
जिला परिषद और पंचायत समितियों के कर्मचारियों पर भी लागू होगा

■ ग्रेच्युटी और आगे की प्रक्रिया


सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधित योजना चुनने वाले कर्मचारियों को मार्च 2023 के आदेश के अनुसार ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा। वहीं, पेंशन वितरण की विस्तृत प्रक्रिया जल्द अलग से जारी की जाएगी।


सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वे अपनी सेवानिवृत्ति सुरक्षा को बेहतर तरीके से तय कर सकेंगे।

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