मुंबई वार्ता संवाददाता

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के महज दो दिन बाद हुई, जिससे इलाके में राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ अपनी कार से जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उनका पीछा किया और कार की रफ्तार धीमी होते ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। चार गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां रथ को लगीं। घटना के बाद कार के शीशे पर गोलियों के निशान साफ देखे गए।


चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़े थे और उनके राजनीतिक कामकाज व समन्वय की जिम्मेदारी संभालते थे। उन्हें अधिकारी के करीबी सहयोगियों में गिना जाता था।
घटना की जानकारी मिलते ही सुवेंदु अधिकारी मध्यमग्राम के अस्पताल पहुंचे, जहां पुलिस ने रथ के शव को रखा था। इस हमले में रथ के साथ मौजूद बुद्धदेव नामक व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


सुवेंदु अधिकारी के भाई दिव्येंदु अधिकारी ने इस हमले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इस घटना के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ होने का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं ने भी इस हत्या को “राजनीतिक साजिश” करार देते हुए राज्य में हिंसा की संस्कृति पर सवाल उठाए हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इसी बीच, पुलिस ने चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए कम से कम 80 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 65 लोगों को विभिन्न मामलों में हिरासत में लिया गया है। 15 अन्य लोगों को एहतियातन डिटेन किया गया है।
गौरतलब है कि मध्यमग्राम सीट पर तृणमूल कांग्रेस के रथिन घोष ने करीब 2,399 वोटों से जीत दर्ज की थी, जहां भाजपा ने कड़ी टक्कर दी थी।
इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और राजनीतिक टकराव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


