श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

नेस्को एग्ज़िबिशन सेंटर में हुए चर्चित ड्रग ओवरडोज मामले में सेशंस कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि म्यूजिक कॉन्सर्ट के कथित आयोजकों में शामिल आकाश सामल को राहत दे दी।


कोर्ट ने कथित ड्रग सप्लायर रौनक खंडेलवाल और प्रतीक पांडे के साथ-साथ नेस्को के वरिष्ठ अधिकारी सनी जैन की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। हालांकि, मामले में आयोजक पक्ष से जुड़े आकाश सामल को अदालत से राहत मिली। कोर्ट के विस्तृत आदेश अभी सामने नहीं आए हैं।
आकाश सामल की ओर से पेश अधिवक्ता साक्षी माने ने दलील दी कि सामल और उनकी कंपनी की भूमिका केवल आर्टिस्ट मैनेजमेंट तक सीमित थी। याचिका में कहा गया कि सामल और नेस्को पर कार्यक्रम स्थल पर ड्रग्स की एंट्री की साजिश रचने का आरोप प्रथम दृष्टया साबित नहीं होता।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आकाश सामल स्वयं इस घटना के “पीड़ित” हैं और एक युवा व्यवसायी होने के नाते उन्हें मेहमानों की गतिविधियों या नेस्को की किसी कथित संलिप्तता की जानकारी नहीं थी।
यह मामला 11 अप्रैल का है, जब गोरेगांव पूर्व स्थित नेस्को में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान के 19 एमबीए छात्रों के समूह में शामिल 28 वर्षीय युवक और 24 वर्षीय युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। पुलिस के अनुसार दोनों ने कथित रूप से एक्स्टेसी ड्रग्स का सेवन किया था। अगले दिन दोनों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए छात्रों के दो साथियों रौनक खंडेलवाल और प्रतीक पांडे को कथित रूप से ड्रग्स उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामले की आगे की जांच जारी है।


