श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र गृह विभाग ने राज्य के साइबर पुलिस स्टेशनों की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए 9.44 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कॉल डाटा OSINT और एनालिसिस टूल खरीदने को मंजूरी दी है। इस फैसले का उद्देश्य साइबर अपराधों की जांच को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।


सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, यह नया सिस्टम इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) और डिवाइस इंटेलिजेंस डाटा जैसे आधुनिक संचार माध्यमों की जांच में मदद करेगा। इसके जरिए पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच, वॉयस कॉलिंग एप्लिकेशन (VoIP) लॉग का विश्लेषण, टावर डंप डाटा और लोकेशन बेस्ड सर्विसेज की बेहतर तरीके से पड़ताल कर सकेगी।
गृह विभाग ने कहा कि अपराधी अब एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, इंटरनेट आधारित VoIP कॉलिंग, वर्चुअल नंबर सिस्टम और बदलते डाटा ट्रांसमिशन व स्टोरेज फॉर्मेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में आधुनिक तकनीक से लैस जांच उपकरणों की जरूरत बढ़ गई है।
सरकार का मानना है कि इस हाईटेक OSINT टूल के इस्तेमाल से साइबर पुलिस की डिजिटल जांच क्षमता मजबूत होगी और अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक करना पहले की तुलना में अधिक आसान और सटीक हो सकेगा।


