मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में नागपुर को सीधे गोवा से जोड़ने के लिए प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग के सुधारित मार्ग (रूट) का आराखड़ा जारी कर दिया गया है। पहले इस महामार्ग की कुल लंबाई 802 किलोमीटर निर्धारित थी, लेकिन नए बदलावों के बाद इसकी लंबाई 54 किलोमीटर बढ़कर अब 856 किलोमीटर हो गई है।


एमएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक अनिलकुमार गायकवाड ने बताया कि नए रूट में सातारा जिले और चंदगड क्षेत्र को शामिल किया गया है। चंदगड का मौसम महाबलेश्वर की तरह ठंडा रहने के कारण यहां पर्यटन को बड़ी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गायकवाड ने कहा कि पहले सांगली, सोलापुर और कोल्हापुर जिलों में किसानों और स्थानीय लोगों ने महामार्ग का विरोध किया था, जिसके कारण मार्ग में बदलाव करना पड़ा। हालांकि अब कोल्हापुर जिले के कई किसान फिर से ज्ञापन देकर मांग कर रहे हैं कि महामार्ग उनके क्षेत्र से होकर निकाला जाए।
उन्होंने बताया कि नांदेड़ जिले में विरोध के कारण करीब 100 किलोमीटर लंबा मार्ग बदला गया है। शक्तिपीठ महामार्ग के संशोधित रूट की अधिसूचना जारी हो चुकी है, जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए 12/2 की अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। इसके बाद बदले गए मार्ग के गांवों की संयुक्त मापणी शुरू होगी।
एमएसआरडीसी के अनुसार, इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा समृद्धि महामार्ग की तर्ज पर दिया जाएगा। इससे किसानों को मिलने वाले मुआवजे में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।


