मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार ने बदलापुर के एक स्कूल में अगस्त 2024 में हुई अनुचित घटना से प्रभावित दो नाबालिग बच्चियों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विशेष मामले के तौर पर दोनों बच्चियों की 10वीं कक्षा तक की प्रवेश फीस पूरी तरह सरकारी खर्च से भरने को मंजूरी दी है। इस संबंध में शासन निर्णय भी जारी कर दिया गया है।


सरकार की ओर से बताया गया कि तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री ने घटना के बाद पीड़ित बच्चियों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की थी। इसके अनुसार, अभिभावकों की इच्छा के मुताबिक शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में दोनों बच्चियों का संबंधित स्कूलों में जूनियर केजी में प्रवेश कराया गया था।
जारी शासन निर्णय के मुताबिक, निर्भया क्रमांक-1 की पहली से 10वीं तक की तथा निर्भया क्रमांक-2 की लंबित सीनियर केजी और पहली से 10वीं तक की प्रवेश फीस ‘बालकों का मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009’ के तहत सरकार द्वारा वहन की जाएगी। यह मंजूरी एक बार के विशेष प्रकरण के रूप में दी गई है।
दोनों बच्चियां जिन स्कूलों में पढ़ रही हैं, उन स्कूलों को निर्धारित राशि के अनुसार संबंधित शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश शुल्क अदा किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया संबंधित जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से पूरी की जाएगी।


