मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी ने बड़ा फैसला लिया है। बीएमसी करीब 191 करोड़ रुपये की लागत से 20 अत्याधुनिक सक्शन जेटिंग संयुक्त मशीनें खरीदने जा रही है।


इन आधुनिक मशीनों का उपयोग वर्षा जल निकासी नालों की हाईटेक सफाई, गाद निकालने, कचरे के मौके पर पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) और बाढ़ जैसी स्थिति में तेजी से पानी निकालने के लिए किया जाएगा। यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए स्थायी समिति के समक्ष रखा गया है।


बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में मुंबई में मानसून के दौरान एक ही दिन में 200 से 300 मिमी या उससे अधिक बारिश कई बार दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण उन इलाकों में भी गंभीर जलभराव देखने को मिला, जहां पहले कभी पानी नहीं भरता था।
फिलहाल आपातकालीन स्थिति में जमा पानी निकालने के लिए बीएमसी को ट्रॉली पर लगे पंप और बड़े वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिसमें काफी समय लगता है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के 8 वर्ष पुराने वाहनों को हटाने संबंधी नियमों के कारण बीएमसी की कई पुरानी मशीनें भी उपयोग अवधि पूरी कर चुकी हैं।
ई-निविदा प्रक्रिया में मे मेट्रो वेस्ट हैंडलिंग प्रा. लि. और मे टीपीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. ने तकनीकी पात्रता हासिल की थी। इनमें मे मेट्रो वेस्ट हैंडलिंग ने जीएसटी छोड़कर 178 करोड़ 53 लाख 98 हजार 130 रुपये की सबसे कम बोली लगाई। 18 प्रतिशत जीएसटी, अगले पांच वर्षों के संचालन और समग्र रखरखाव खर्च को मिलाकर इस परियोजना की कुल लागत लगभग 191 करोड़ रुपये होगी।
बीएमसी को कुल 20 आधुनिक मशीनें मिलेंगी। इनमें 28 टन क्षमता वाले वाहनों पर स्थापित 11,000 लीटर क्षमता की 7 मशीनें, 18.5 टन वाहनों पर 8,000 लीटर क्षमता की 7 मशीनें और 9 टन के छोटे वाहनों पर स्थापित 3,000 लीटर क्षमता की 6 मशीनें शामिल होंगी।
विशेष रूप से 3,000 लीटर क्षमता वाली छोटी मशीनें उपनगरों की संकरी सड़कों और तंग गलियों में स्थित वर्षा जल निकासी नालों की सफाई में बेहद उपयोगी साबित होंगी। बीएमसी का मानना है कि इन हाईटेक मशीनों के आने से मानसून के दौरान जलनिकासी व्यवस्था अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।


