मुंबई वार्ता संवाददाता

मानसून के दौरान मुंबई में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इस वर्ष अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद मलेरिया, डेंगू और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी से 14 जुलाई 2026 तक शहर में 3,681 मलेरिया, 938 डेंगू, 157 लेप्टोस्पायरोसिस, 3,866 गैस्ट्रो, 31 चिकनगुनिया और 113 स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आए हैं।


बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले सात महीनों में 36 लाख 81 हजार 683 नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया, जबकि 10 लाख 472 लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। वर्ष 2025 की तुलना में इस साल मलेरिया और डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में एडिस और एनोफिलीस मच्छरों के 27,382 प्रजनन स्थल भी पाए गए हैं, जो क्रमशः डेंगू और मलेरिया फैलाने के प्रमुख वाहक हैं। अधिकारियों का कहना है कि जून में कम बारिश होने के बावजूद जुलाई के पहले सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
पिछले दो सप्ताह में संक्रामक रोगों के मामलों में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है। इसे देखते हुए बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। शहर के 3,000 से अधिक निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 54,763 निर्माण श्रमिकों के रक्त नमूनों की जांच की गई, जिनमें 37 श्रमिक मलेरिया से संक्रमित पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने तथा बुखार, शरीर दर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने की अपील की है।


