मुंबई वार्ता संवाददाता

टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक वाहन इकाई Tata Passenger Electric Mobility Ltd. (TPEML) के नाम पर फर्जी डीलरशिप वेबसाइट बनाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में कंपनी की शिकायत पर मुंबई के एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।


पुलिस के अनुसार, इस मामले में केशब कुमार, आकाश बंसल, कुणाल सिंह, राजू मनास्कर और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने टाटा ईवी की अधिकृत डीलरशिप जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार कर इच्छुक लोगों से डीलरशिप दिलाने के नाम पर पैसे वसूले।
कंपनी के वरिष्ठ विधि प्रबंधक प्रशांत मुरली की शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2025 में कंपनी को पहली बार www.tataevdealership.com नामक फर्जी वेबसाइट की जानकारी मिली, जो टाटा की आधिकारिक डीलरशिप वेबसाइट का रूप धारण कर रही थी।
कंपनी ने पहले वेबसाइट संचालकों को कानूनी नोटिस भेजा और बाद में World Intellectual Property Organization (WIPO) का रुख किया। डब्ल्यूआईपीओ ने टाटा के पक्ष में फैसला देते हुए संबंधित डोमेन कंपनी को हस्तांतरित करने का आदेश दिया। इसके बाद कंपनी ने डोमेन रजिस्ट्रार GoDaddy से भी वेबसाइट निलंबित कराने की कार्रवाई की।
हालांकि, आरोपियों ने इसके बाद www.tataevdealership.in नाम से दूसरी फर्जी वेबसाइट शुरू कर दी। इस बार भी टाटा ने कार्रवाई करते हुए National Internet Exchange of India (NIXI) के माध्यम से डोमेन अपने नाम कराने का आदेश हासिल किया। इसके बावजूद आरोपियों ने www.tatadealership.in नाम से तीसरी वेबसाइट बनाकर कथित ठगी का सिलसिला जारी रखा।
कंपनी की आंतरिक जांच के दौरान कई लोगों ने संपर्क कर बताया कि वे इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं। महेश शाह नामक व्यक्ति ने डीलरशिप के लिए आवेदन करने के नाम पर 25 हजार रुपये जमा कराने की बात कही, जबकि गुरुसेवक सिंह ने आवेदन शुल्क के नाम पर 5.50 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दावा किया।
पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में 5.75 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है, लेकिन जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह ने और भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। मामले की जांच जारी है।


