मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं से चुनी जाने वाली विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव के चलते फिलहाल आचार संहिता लागू है। ऐसे में राज्य सरकार की बहुप्रतीक्षित किसान कर्जमाफी योजना के अटकने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि अब केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस योजना के क्रियान्वयन को आचार संहिता से विशेष छूट दे दी है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।


इस मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राज्य बजट में घोषित कर्जमाफी योजना अब 30 जून से पहले लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है और 18 जून को मतदान होना है। आचार संहिता लागू होने के कारण यह संशय बना हुआ था कि किसानों के खातों में कर्जमाफी की राशि जमा की जा सकेगी या नहीं। लेकिन चुनाव आयोग की अनुमति मिलने के बाद अब योजना के अमल में कोई बाधा नहीं रहेगी।


पिछले कुछ वर्षों में राज्य के किसानों को सूखा, बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही खेती की लागत बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हुई है। ऐसे समय में सरकार की कर्जमाफी योजना को मंजूरी मिलना किसानों के लिए खरीफ सीजन की शुरुआत में बड़ी राहत माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना के तहत पात्र किसानों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 30 जून से पहले कर्जमाफी और प्रोत्साहन अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। खरीफ फसल की तैयारियों के बीच यह आर्थिक सहायता किसानों के लिए काफी मददगार साबित होगी।
राज्य सरकार ने आर्थिक संकट से जूझ रहे और बैंकों का कर्ज न चुका पाने वाले किसानों के लिए दो लाख रुपये तक की संपूर्ण कर्जमाफी की घोषणा की है। वहीं, नियमित रूप से बैंक ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान भी दिया जाएगा।


