मुंबई वार्ता संवाददाता

राजनीति में नेताओं की पहचान अक्सर भाषणों और चुनावी सभाओं से होती है, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो किसी नेता का मानवीय चेहरा सामने लाती हैं। शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने बीड जिले के केज दौरे के दौरान संवेदनशीलता और मानवता की ऐसी ही मिसाल पेश की, जिसकी पूरे मराठवाड़ा में चर्चा हो रही है।


दस दिन पहले अपने बेटे को खोने का दुख झेल रहे रसूल गफूर सय्यद अपनी समस्या लेकर सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे से मिलने केज पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। कुछ ही दिनों में एक ही परिवार पर दो बड़े दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।घटना की जानकारी मिलते ही सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना देने के साथ उनका दुख साझा किया। इस दौरान डॉ. शिंदे ने परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की तथा बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का आश्वासन भी दिया।इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि डॉ. श्रीकांत शिंदे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आम लोगों के दुख-दर्द को समझने वाले संवेदनशील इंसान भी हैं।


कठिन समय में परिवार के साथ खड़े होकर उन्होंने मानवता का परिचय दिया।इस दौरान मंत्री भरतशेठ गोगावले, सांसद संदीपान भुमरे, पूर्व विधायक संगीता ठोंबरे और युवा सेना निरीक्षक बाजीराव चव्हाण भी उपस्थित रहे।इसी बीच, शिवसेना संसदीय दल के नेता और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे अपने ‘शिवसंवाद’ दौरे के तहत महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा हमेशा शिवसेना का मजबूत गढ़ रहा है और यहां के प्रत्येक कार्यकर्ता को पार्टी पूरी ताकत देने का काम करेगी।केज में आयोजित बैठक में उन्होंने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया।
डॉ. शिंदे ने कहा कि पार्टी नेतृत्व की नजर सामान्य कार्यकर्ताओं पर भी है और मेहनत करने वालों को संगठन में जिम्मेदारी जरूर मिलेगी।उन्होंने जानकारी दी कि परळी और केज विधानसभा क्षेत्रों में जल्द ही तालुका प्रमुख, उप तालुका प्रमुख, शाखा प्रमुख और उप शाखा प्रमुखों की नियुक्तियां की जाएंगी।बैठक में मंत्री भरतशेठ गोगावले ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में बीएलए की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हर बूथ पर मतदाताओं की सही जानकारी जुटाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन के लिए पूरी ताकत से काम करने की अपील की।
‘शिवसंवाद’ दौरे के दौरान सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने बीड जिले में तीन अलग-अलग बैठकों के जरिए केज, परळी, बीड, माजलगांव, आष्टी और गेवराई विधानसभा क्षेत्रों का आढावा लिया। बैठकों में बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे।पिछले तीन दिनों में डॉ. श्रीकांत शिंदे ने मराठवाड़ा के 23 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद साधा और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दिया।


