मुंबई वार्ता संवाददाता

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को बोरिवली क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में कार्यरत एक कनिष्ठ लिपिक (जूनियर क्लर्क) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर बस मालिक पर लगाए गए जुर्माने को कम करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।


एसीबी के अनुसार, गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान मिथुन विलास अडे के रूप में हुई है। उसने एक बस मालिक से उसकी बस पर लगाए गए 26,500 रुपये के जुर्माने को कम करने के लिए 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने 1 जून को एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच और सत्यापन के दौरान एसीबी अधिकारियों ने पाया कि आरोपी ने वास्तव में 5,000 रुपये की मांग की थी और बाद में बातचीत के बाद 4,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया।
इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। तय योजना के तहत जब शिकायतकर्ता ने आरोपी को 4,000 रुपये की रिश्वत दी, तो एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


