मुंबई वार्ता संवाददाता

ओशिवरा पुलिस ने वर्ष 2004 में दर्ज एक गंभीर मामले में पिछले 22 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेंद्र शिवराम शिंदे (49 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ ओशिवरा पुलिस स्टेशन में गुन्हा क्रमांक 1201/2004 के तहत पिटा एक्ट (PITA Act) की धारा 3, 4, 5 और 7(1)(C) के अंतर्गत मामला दर्ज था।


पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए माझगांव सत्र न्यायालय, मुंबई द्वारा स्थायी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (Standing Non-Bailable Warrant) जारी किया गया था और पुलिस को उसकी तलाश के निर्देश दिए गए थे।


जांच के दौरान पुलिस जब आरोपी के पुराने पते पर पहुंची तो पता चला कि जिस झोपड़पट्टी क्षेत्र में वह रहता था, उसे वर्ष 2012-13 में पुनर्विकास के लिए हटा दिया गया था। इसके कारण आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
इसी बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी ने वर्ष 2005 में अपना कमरा बेच दिया था और किसी अन्य स्थान पर रहने चला गया था। इसके बाद निगरानी टीम ने मुखबिरों और अन्य स्रोतों की मदद से जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि आरोपी विले पार्ले इलाके में एक नए पते पर रह रहा है।
मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी पर गुप्त निगरानी शुरू की। 3 जून 2026 को निगरानी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति संबंधित इलाके में घूमता दिखाई दिया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने अपना नाम राजेंद्र शिवराम शिंदे बताया। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि वही वर्ष 2004 के मामले में फरार चल रहा आरोपी है। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को 3 जून 2026 को माझगांव न्यायालय, मुंबई में पेश किया गया।
■ गिरफ्तारी अभियान में शामिल पुलिस टीम
एपीआई तुषार बाविस्कर
एएसआई सुनील साळुंखे
हेड कॉन्स्टेबल महेश साळोखे
पुलिस कॉन्स्टेबल महेंद्र भोये
ओशिवरा पुलिस की इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी दो दशक से अधिक समय तक कानून की पकड़ से बाहर था।


