मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) ने जल संसाधन मंत्री गिरिश महाजन के हालिया बयान को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है और उन्हें राज्य मंत्रिमंडल तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से तत्काल हटाने की मांग की है। कांग्रेस ने महाजन पर “राष्ट्रविरोधी” टिप्पणी करने और भारतीय सशस्त्र बलों का अपमान करने का आरोप लगाया है।


विवाद की शुरुआत 6 जून को पंजाब के अमृतसर स्थित चौक मेहता में दमदमी टकसाल मुख्यालय में आयोजित ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में महाजन की मौजूदगी से हुई। वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान महाजन ने 6 जून को “काला दिन” बताते हुए 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर में चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार की आलोचना की। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा सेना की कार्रवाई का आदेश दिए जाने पर भी सवाल उठाए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि महाजन के बयान गैर-जिम्मेदाराना और राष्ट्रीय हित के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन ब्लू स्टार पर सवाल उठाकर महाजन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास किया है। सपकाल ने महाजन को मंत्रिमंडल और भाजपा दोनों से हटाने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि सशस्त्र अलगाववादियों के खिलाफ देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई थी। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने जोखिमों को जानते हुए यह निर्णय लिया था और बाद में उनकी हत्या खालिस्तानी आतंकवादियों ने कर दी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस अभियान का नेतृत्व करने वाले जनरल अरुण कुमार वैद्य की भी आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
सपकाल ने महाजन द्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार की तुलना अहमद शाह अब्दाली के आक्रमणों से किए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि उनके बयान से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित सुरक्षा अधिकारियों का भी अप्रत्यक्ष रूप से अपमान हुआ है। उन्होंने पूछा कि क्या महाजन अब अजीत डोभाल की भूमिका की भी निंदा करेंगे।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या वे महाजन के बयान से सहमत हैं। पार्टी ने कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व महाजन के विचारों का समर्थन नहीं करता, तो उसे सार्वजनिक रूप से उनके बयान की निंदा करते हुए सशस्त्र बलों से माफी मांगनी चाहिए।
सपकाल ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मुद्दों का इस्तेमाल कर रही है और राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही है। उन्होंने कहा कि गिरिश महाजन को देश और सशस्त्र बलों से माफी मांगनी चाहिए और इस पूरे विवाद की जिम्मेदारी भाजपा नेतृत्व को लेनी चाहिए।


