मुंबई वार्ता संवाददाता

पश्चिम बंगाल के अभिनेता राहुल अरुणोदय बनर्जी की मौत के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संज्ञान लेते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता द्वारा भेजे गए प्रतिनिधित्व के बाद की गई है।


एआईसीडब्ल्यूए ने टीवी धारावाहिक “भोले बाबा पार करेगा” की शूटिंग के दौरान राहुल अरुणोदय बनर्जी की मौत के बाद इस मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने और फिल्म एवं टीवी उद्योग में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की थी।
संघ का आरोप है कि शूटिंग सेट पर गंभीर सुरक्षा चूक और लापरवाही के कारण यह दुखद हादसा हुआ। एआईसीडब्ल्यूए ने निर्माता लीना गांगोपाध्याय, प्रोडक्शन हाउस मैजिक मोमेंट्स मोशन पिक्चर्स, सैबल बनर्जी तथा निर्माण से जुड़े अन्य सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के बाद मामला ओडिशा सरकार के माध्यम से बालासोर के पुलिस अधीक्षक को आवश्यक जांच और कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।
एआईसीडब्ल्यूए का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई निर्माता, प्रोडक्शन हाउस या प्रसारण संस्था अनिवार्य सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना शूटिंग शुरू करने का साहस न करे। संगठन का मानना है कि तकनीशियनों, जूनियर कलाकारों और अभिनेताओं की जान को लापरवाही के कारण खतरे में नहीं डाला जा सकता।
संघ ने निर्माता लीना गांगोपाध्याय, मैजिक मोमेंट्स मोशन पिक्चर्स, सैबल बनर्जी और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग करते हुए उनके खिलाफ हत्या समेत सभी लागू आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, मैजिक मोमेंट्स मोशन पिक्चर्स को ब्लैकलिस्ट कर भविष्य की परियोजनाओं से प्रतिबंधित करने की भी मांग उठाई गई है।
एआईसीडब्ल्यूए ने दोहराया है कि भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग में सुरक्षा मानकों के सख्त पालन, दोषियों की जवाबदेही तय करने और इस मामले की उच्चस्तरीय एसआईटी जांच कराए जाने की आवश्यकता है। संगठन का कहना है कि राहुल अरुणोदय बनर्जी को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए और शूटिंग सेट पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
एआईसीडब्ल्यूए अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा कि किसी भी कर्मचारी, तकनीशियन या कलाकार की जान शूटिंग सेट पर लापरवाही के कारण नहीं जानी चाहिए और यह मामला पूरे मनोरंजन उद्योग के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए।


