गरीबी रेखा और स्वामीनाथन रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सरासर झूठा और हास्यास्पद, झूठ बोलने के लिए फडणवीस को नोबेल पुरस्कार दिया जाए : हर्षवर्धन सपकाल।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस झूठ बोलने में माहिर हैं। उन्होंने यह गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया कि गरीबी रेखा के नीचे जाना और उससे ऊपर आना एक प्रक्रिया है तथा दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में गरीबी का उन्मूलन हो गया है। यह कहते समय वे शायद यह भूल गए कि देश के 80 करोड़ लोगों को मोदी सरकार हर महीने 5 किलो अनाज मुफ्त राशन के रूप में देती है। यदि गरीबी समाप्त हो गई है, तो ये 80 करोड़ लोग कौन हैं? उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया गया है। ऐसी सफेद झूठी बातें करने वाले मुख्यमंत्री को झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार ही दिया जाना चाहिए। यह तीखा हमला महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।

टिलक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयानों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन समिति का गठन कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार (2004-2014) के दौरान किया गया था और उसकी रिपोर्ट भी उसी समय प्राप्त हो गई थी, लेकिन उसके लागू होने से पहले केंद्र में सत्ता परिवर्तन हो गया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सत्ता में आ गई। इस मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया, लेकिन अब देवेंद्र फडणवीस यह दावा कर रहे हैं कि मोदी सरकार ने उसकी सिफारिशें लागू कर दीं। यह सरासर झूठ है।आज किसानों को प्याज, सोयाबीन, कपास, तूर, चना जैसे किसी भी कृषि उत्पाद का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट पढ़ी भी है या नहीं, यह सवाल है। वहीं अन्ना हजारे भी इस मुद्दे पर चुप हैं। भाजपा और देवेंद्र फडणवीस मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का ढोल पीट रहे हैं, तो उन्हें श्वेतपत्र जारी कर यह बताना चाहिए कि इन 12 वर्षों में वास्तव में क्या किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्रकार परिषद आयोजित कर यह भी बताना चाहिए कि कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को वापस भेजा गया है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस बयान पर कि खरीफ सीजन के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, सपकाल ने कहा कि राज्य में बीजों की कमी है और खाद की लिंकिंग के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसानों की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन मुख्यमंत्री को इसकी कोई जानकारी नहीं है। पहले राजा-महाराजा वेश बदलकर जनता के बीच जाते थे और वास्तविक स्थिति का पता लगाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वेश बदलकर जाते हैं तो केवल दूसरे दलों को तोड़ने के लिए।

सपकाल ने तंज कसते हुए कहा कि फडणवीस सरकार “अंधी, बहरी और गूंगी” सरकार है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा कांग्रेस को डूबता हुआ जहाज बताए जाने के बयान का जवाब देते हुए सपकाल ने कहा कि कांग्रेस इस देश की आशा है। कांग्रेस इस देश के डीएनए में है और भाजपा को चुनौती देने की क्षमता केवल कांग्रेस के पास है। जो लोग 2014 में कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा दे रहे थे, आज उनकी पार्टी ही कांग्रेस-युक्त हो गई है।

फडणवीस यदि अपने आसपास देखें तो उन्हें कांग्रेस से आए हुए लोग ही दिखाई देंगे। भाजपा तो अपने सहयोगी दलों को भी निगल जाने वाली “चुड़ैल” बन गई है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।

इस पत्रकार परिषद में नांदेड़ के सांसद रविंद्र चव्हाण, वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल तिवारी और हनुमंत पवार उपस्थित थे।

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