मुंबई वार्ता/ हरिश्चंद्र पाठक

केंद्र और राज्य सरकार तथा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (मनपा) द्वारा स्वच्छ भारत अभियान चलाए जाने के बावजूद साकीनाका के खाड़ी क्रमांक-3, वार्ड क्रमांक 161 की झोपड़पट्टियों में शुरुआती बारिश के साथ ही गंदे पानी का जमाव नागरिकों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि जलजमाव की समस्या के बावजूद यहां पानी निकासी के लिए अब तक मोटर पंप नहीं लगाए गए हैं।


जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दशकों से साकीनाका के खाड़ी क्रमांक-3, मिलिंद नगर और आसपास की झोपड़पट्टियों में हर मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा होती रही है। इसके बावजूद मनपा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप बारिश के मौसम में लोगों को गंदे पानी से होकर आने-जाने को मजबूर होना पड़ता है।


मंगलवार से शुरू हुई बारिश के बाद क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति और गंभीर हो गई, जिससे नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय युवा समाजसेवक और शिंदे गुट के शिवसैनिक प्रदीप बंड ने बताया कि मिलिंद नगर और राजीव नगर झोपड़पट्टी क्षेत्र में सुंदरबाग और हिमालय सोसायटी के सामने स्थित पहाड़ी से गंदा पानी बहकर आता है, जिसके कारण हर वर्ष यहां पानी भर जाता है।
प्रदीप बंड ने कहा कि बरसात के दौरान यह समस्या लगातार बनी रहती है, लेकिन मनपा प्रशासन ने अब तक पानी निकासी के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने कुर्ला एल वार्ड के संबंधित अधिकारियों से मिलिंद नगर और राजीव नगर झोपड़पट्टी क्षेत्रों में तत्काल मोटर पंप लगाकर जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।


