मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई की सार्वजनिक परिवहन सेवा चलाने वाला BEST उपक्रम अब वित्तीय संकट से उबरने के लिए बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। BEST प्रशासन ने दावा किया है कि वर्ष 2026-27 के बाद वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) से नियमित आर्थिक सहायता लेने की आवश्यकता समाप्त कर 2027 से वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए एक व्यापक फाइनेंशियल टर्नअराउंड प्लान तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।


BEST की महाप्रबंधक सोनिया सेठी ने स्थायी समिति के समक्ष बताया कि हर वर्ष BMC से अनुदान लेना दीर्घकालिक समाधान नहीं है। इसी कारण विशेषज्ञ सलाहकार की मदद से वित्तीय सुधार का नया रोडमैप तैयार किया गया है।


योजना के अनुसार BEST अपने खर्चों में कमी और आय बढ़ाने पर विशेष जोर देगा। इसके तहत स्वयं के बस बेड़े को सीमित रखते हुए वेट-लीज बसों का उपयोग बढ़ाना, बस मार्गों का पुनर्गठन, गैर-किराया आय बढ़ाना, बस शेल्टरों और होर्डिंग्स पर विज्ञापन, दुकानों को किराये पर देना, सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन तथा स्मार्ट मीटर जैसी परियोजनाओं से अतिरिक्त राजस्व जुटाने की रणनीति अपनाई जाएगी।
हालांकि BEST की आर्थिक स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। वर्ष 2026-27 में परिवहन संचालन में लगभग 2,439 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान है। वहीं, पिछले दो वर्षों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान लंबित है। मार्च 2027 तक इन बकायों के भुगतान के लिए करीब 1,751 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। प्रशासन का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष के भीतर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित ग्रेच्युटी का भुगतान एकमुश्त करने का प्रयास किया जाएगा।
BMC ने चालू वर्ष के लिए BEST को 1,000 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी है, जिसमें से 500 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त BEST ने 1,300 करोड़ रुपये की और सहायता की मांग की है। वर्ष 2012-13 से 2025-26 के बीच BMC द्वारा BEST को कुल 12,312 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।
BEST प्रशासन का कहना है कि यदि प्रस्तावित वित्तीय सुधार योजना को राज्य सरकार की मंजूरी मिल जाती है और निर्धारित सुधार समय पर लागू होते हैं, तो 2027 से उपक्रम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।


