मुंबई वार्ता संवाददाता

मानसून के दौरान मुंबई शहर और उपनगरों में उत्पन्न हो रही गंभीर नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए नगरसेवक डॉ. नितेश राजहंस सिंह ने मुंबई महानगरपालिका की महापौर और आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।


जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मानसून की शुरुआत के साथ ही शहर के कई इलाकों में जलभराव, सड़कों पर गड्ढे, नालों की अपर्याप्त सफाई, जल निकासी व्यवस्था की खामियां, यातायात जाम और जलापूर्ति में अनियमितता जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। इन कारणों से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


डॉ. नितेश राजहंस सिंह ने अपने ज्ञापन में कहा कि मुंबई महानगरपालिका हर वर्ष नालों की सफाई, सड़क मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिखाई देते। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और नागरिकों का विश्वास भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने मांग की कि महानगरपालिका के सभी 24 प्रशासनिक विभागों में जलभराव वाले स्थानों का स्वतंत्र तकनीकी सर्वेक्षण कराया जाए। साथ ही नालों की सफाई के कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए, सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और निम्न गुणवत्ता वाले कार्य करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि जल निकासी प्रणाली और पंपिंग स्टेशनों को अधिक सक्षम बनाया जाए, जलापूर्ति में होने वाली लीकेज को रोका जाए तथा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी नियंत्रण कक्ष और ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था स्थापित की जाए। इसके अलावा प्रत्येक प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही भी तय की जाए।
डॉ. नितेश राजहंस सिंह ने कहा कि मुंबईवासियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना महानगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन मांगों की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा।


