मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के चेंबूर स्थित कालारोड इलाके में पिछले एक महीने से भीषण जलसंकट बना हुआ है। करीब 400 घरों की आबादी वाले इस क्षेत्र में नलों में पानी नहीं आने से लोगों को रातभर जागकर दूसरे इलाकों से पानी भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।


सिंधी सोसायटी के समीप स्थित कालारोड के भीमवाड़ी निवासी संघ के अनुसार, कुछ महीने पहले इलाके में सड़क निर्माण का काम किया गया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर खुदाई हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी के बाद से इलाके में नलों का पानी आना लगभग बंद हो गया। पहले यहां नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति होती थी, लेकिन पिछले एक महीने से हालात बेहद खराब हैं।
पानी की कमी के कारण लोगों को दूसरे इलाकों में जाकर पानी भरना पड़ रहा है। हालांकि, वहां भी देर रात पानी आने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य परिवारों को पूरी रात जागकर पानी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार बीएमसी में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने कई बार मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि जलापूर्ति बाधित होने का वास्तविक कारण क्या है।
फिलहाल नागरिकों की परेशानी को देखते हुए बीएमसी ने इलाके में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू की है। हालांकि, टैंकर से मिलने वाला पानी क्षेत्र की जरूरत के मुकाबले काफी कम है, जिसके कारण पानी भरने को लेकर लोगों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाले और कालारोड इलाके में नियमित जलापूर्ति बहाल करे, ताकि लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।


