मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के पूर्व उपमहापौर एवं शिवसेना नेता बाबूभाई भवानजी ने दादर स्थित आरजू सभागृह में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की जानकारी सरल भाषा में लोगों को दी। उन्होंने नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की और इस कार्य में पूरी निष्ठा से जुटे सरकारी अधिकारियों, विशेषकर शिक्षक वर्ग की सराहना की।


भवानजी ने कहा कि 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। उन्होंने बताया कि BLO प्रत्येक घर पर तीन बार आएंगे। यदि तीनों बार संबंधित व्यक्ति नहीं मिलता और आवश्यक फॉर्म भी जमा नहीं करता, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि BLO के आने पर उनसे अवश्य मिलें और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।


उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग का यह विशेष अभियान मतदाता सूची से डुप्लिकेट, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
भवानजी ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक नाम छूटने या किसी त्रुटि के संबंध में दावा एवं आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
उन्होंने कहा कि जिनका नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है या उस समय उनकी उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण माता-पिता का नाम सूची में था, उन्हें केवल मैपिंग फॉर्म भरकर सफेद पृष्ठभूमि वाला पासपोर्ट आकार का फोटो देना होगा। ऐसे मामलों में सामान्यतः किसी अन्य दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं होगी।
भवानजी ने जन्मतिथि के आधार पर आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे और जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें जन्मतिथि एवं जन्मस्थान का प्रमाण देना होगा। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे लोगों को अपना जन्म प्रमाण पत्र तथा माता या पिता में से किसी एक का जन्म प्रमाण देना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों को अपना जन्म प्रमाण पत्र तथा माता-पिता दोनों के जन्म प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 11 प्रकार के दस्तावेज़ मान्य किए हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र, अधिवास (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र, 10वीं या 12वीं की अंकतालिका अथवा प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, सरकारी भूमि या मकान के दस्तावेज़, सरकारी पहचान पत्र, पेंशन आदेश, वन अधिकार प्रमाण पत्र तथा 1 जुलाई 1987 से पूर्व का बैंक या डाकघर का पासबुक शामिल हैं।
भवानजी ने बताया कि यदि BLO तीन बार आने के बाद भी किसी से संपर्क नहीं कर पाते हैं तो संबंधित घर के दरवाजे पर नोटिस चिपकाया जाएगा। इसके बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने बताया कि इच्छुक नागरिक ऑनलाइन भी voters.eci.gov.in के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं।
अंत में उन्होंने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO), सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों, कॉलेज विद्यार्थियों, अभिभावकों, कामगार संगठनों, महिला मंडलों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जा सके।


