मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई विश्वविद्यालय के कथित टीवाईबीकॉम (TYBCom) अंतिम सेमेस्टर प्रश्नपत्र लीक मामले की सीआईडी जांच कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने बुधवार को मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र विधान परिषद में सीआईडी जांच के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद जानबूझकर इस पर अमल नहीं कर रही है।


प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पेपर लीक के दोषियों को संरक्षण देना बंद करो”, “तुरंत सीआईडी जांच कराओ” और “विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा दो” जैसे नारे लगाए। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी, निष्क्रियता और टालमटोल की नीति की कड़ी आलोचना करते हुए मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की।
परिषद ने सवाल उठाया कि जब अन्य परीक्षा घोटालों, विशेषकर टीईटी पेपर लीक मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाती है, तो मुंबई विश्वविद्यालय के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में प्रशासन मौन क्यों है। एबीवीपी का कहना है कि किसी भी पेपर लीक की गंभीरता कम या ज्यादा नहीं हो सकती और इस मामले की भी टीईटी प्रकरण की तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


एबीवीपी ने यह भी पूछा कि आखिर सीआईडी जांच से बचने के पीछे किसके हित जुड़े हैं और किसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। परिषद ने मांग की कि राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए तत्काल सीआईडी जांच शुरू की जाए, पूरे मामले के मुख्य सूत्रधारों सहित सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और यह भी स्पष्ट किया जाए कि सरकार के निर्देशों का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी मुंबई महानगर मंत्री प्रशांत माली ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विधान परिषद में सीआईडी जांच के स्पष्ट निर्देश देने के बावजूद मुंबई विश्वविद्यालय ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया है। उनके अनुसार, यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सच्चाई छिपाने की कोशिश होने का गंभीर संदेह पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जब तक सीआईडी जांच शुरू नहीं होती, सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती तथा पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक एबीवीपी का आंदोलन और अधिक तीव्र रूप से जारी रहेगा।
एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीआईडी जांच शुरू नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन राज्यव्यापी और अधिक उग्र आंदोलन शुरू करेगा।


