मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और फर्जी आईपीओ निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार आरोपी गुजरात के वडोदरा से और दो मुंबई से पकड़े गए हैं।


जांच के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देता था। पीड़ितों को “Arjun Mehta, Kua Securities, UK” नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा जाता, जहां खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताने वाले लोग निवेश संबंधी सलाह और ऊंचे रिटर्न के दावे कर विश्वास जीतते थे। इसके बाद उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।
मामला तब सामने आया जब मुंबई की 43 वर्षीय एक निवेश पेशेवर महिला ने साइबर क्राइम शाखा में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने व्हाट्सऐप पर मिले एक लिंक के जरिए ट्रेडिंग शुरू की और अपने तथा परिवार के बैंक खातों से कई किस्तों में कुल ₹1,07,37,208 अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दिए। फर्जी ऐप में उसकी निवेश राशि बढ़कर ₹3.6 करोड़ से अधिक दिखाई गई, लेकिन जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और वेरिफिकेशन चार्ज के नाम पर और रकम मांगनी शुरू कर दी। इसके बाद महिला को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह ने कई फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाए थे और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाकर मनी ट्रेल छिपाई जाती थी। प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी, जिससे पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था।
मुंबई साइबर पुलिस अब आरोपियों के बैंक लेन-देन की जांच कर रही है, ठगी की रकम बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों के लोगों को भी इसी तरीके से निशाना बनाया था या नहीं। मामले की जांच जारी है।


